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Fraud: चार साल से हो रहा फर्जी वेंडरों को जनपद से भुगतान

चार साल से हो रहा फर्जी वेंडरों को

चार महीने पहले आईं सीईओ ने पकड़ा 40 लाख का फर्जीवाड़ा

Fraud: बैतूल। जेएच कालेज, भीमपुर-चिचोली जनपद के बाद अब बैतूल जनपद पंचायत में बड़ा घोटाला सामने आया है। 40 लाख रुपए का फर्जी वेंडर को भुगतान करने वाले इस मामले में कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने बैतूल जनपद के चपरासी सहित तीन को सस्पेंड कर दिया है और इस पूरे मामले में एफआईआर कराने के लिए कोतवाली थाने को पत्र लिखा गया है। पुलिस ने भी इस मामले की जांच शुरू कर दी है। सबसे खास बात यह है कि फर्जीवाड़े का यह खेल चार साल से चल रहा था और इस दौरान बैतूल जनपद में चार सीईओ की भी पदस्थापना हुई थी लेकिन उनके कार्यकाल में हुआ यह घोटाला उजागर नहीं हो पाया।


क्या है पूरा मामला?


बैतूल जनपद पंचायत में अभी जुलाई माह में ज्वाईन करने वाली सीईओ शिवानी राय ने इस मामले का खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि बैतूल जनपद पंचायत में 31 छात्रावास हैं जिनका बिजली बिल भुगतान उनके कार्यालय से होता है। इसका बजट ग्लोबल बजट से निकलता है। प्रथम दृष्टया जब जांच की गई तो पता चला कि बिजली बिल भुगतान के लिए कंपनी का वेंडर का अलग बना हुआ था वहीं फर्जी वेंडर अलग बना हुआ था जिसके कारण एक बिल का भुगतान कई बार हो रहा था। पहले बिजली कंपनी को और उसी बिल का भुगतान फर्जी वेंडर को किया जा रहा था। इसी तरह से अब तक 40 लाख 4 हजार रुपए का फर्जी भुगतान होना पाया गया है।


4 साल से चल रहा था फर्जीवाड़ा


सीईओ शिवानी राय ने बैतूलवाणी को बताया कि गड़बड़ी का संदेह होने पर जब जांच शुरू की तो यह फर्जीवाड़ा 2021 से चलने की जानकारी सामने आई है। अभी इसके पूरे दस्तावेज चैक किए जा रहे हैं। जांच के बाद पूरी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। चूंकि बिलों का भुगतान सीईओ के साइन से होते हैं इसलिए भुगतान के दौरान यह गड़बड़ी पकड़ी गई। जांच के दौरान यह भी तथ्य सामने आया है कि आरोपियों ने 6 फर्जी वेंडर बनाए थे और इन वेंडरों की संख्या बढ़ सकती है।


तीन हुए सस्पेंड


बैतूल जनपद में 2018 से पदस्थ चपरासी छत्रपाल मर्सकोले जो कि आपरेटर का भी काम कर रहा था। छत्रपाल जामठी गांव का निवासी है और उसके परिचित धर्मेंद्र वरकड़े के नाम से उसने फर्जी वेंडर बनाया था। वहीं इस भुगतान में बैतूल जनपद के एकाउंटेंट श्रीमती वर्षा कमाविसदार और सहायक क्लर्क नितिन कुमार पांडे की भी मिलीभगत सामने आई है जिस पर कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी, जिला पंचायत सीईओ अक्षत जैन ने तीनों को सस्पेंड कर दिया है। गबन की राशि में से 5 लाख 24 हजार रुपए की राशि छत्रपाल मर्सकोले से चालान के माध्यम से जमा कराई गई है।


पुलिस ने की जांच शुरू


कोतवाली थाना प्रभारी नीरज पाल से बैतूलवाणी ने चर्चा की तो उन्होंने बताया कि इस मामले में पत्र आया है। जिसकी पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। एफआईआर करने के लिए विभाग से और भी जानकारी मांगी जा रही है। जैसे ही यह जानकारी आती है वैसे ही वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर आगे की कार्यवाही की जाएगी।

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