Grand Abhishek: भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में किन्नर समुदाय से जुड़े कथित धर्मांतरण विवाद के बाद अब एक बड़ा धार्मिक–सामाजिक फैसला सामने आया है। महाशिवरात्रि के दिन किन्नर समाज अपना अलग ‘शंकराचार्य’, ‘महंत’ और ‘महामंडलेश्वर’ नियुक्त करने जा रहा है। यह घोषणा भोपाल के लालघाटी में आयोजित भव्य कार्यक्रम के दौरान की जाएगी।
किन्नर अखाड़े के संस्थापक ऋषि अजय दास ने बताया कि
“किन्नर जिहाद और समुदाय के भीतर बढ़ रहे धर्मांतरण के खतरे से निपटने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। ‘शंकराचार्य’ की पहचान कार्यक्रम के दौरान ही सार्वजनिक की जाएगी।”
250 ट्रांसजेंडर की होगी हिंदू धर्म में वापसी
अजय दास का दावा है कि बड़ी संख्या में हिंदू किन्नरों को जबरन इस्लाम कबूल कराया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि किन्नर बस्तियों का इस्तेमाल कुछ कट्टरपंथी तत्व सुरक्षित ठिकानों के रूप में कर रहे हैं।
महाशिवरात्रि के दिन लालघाटी में होने वाले आयोजन के दौरान करीब 250 ट्रांसजेंडर की हिंदू धर्म में वापसी (घर वापसी) कराई जाएगी।
पुष्कर में स्थापित होगी शंकराचार्य की पीठ
किन्नर समाज भले ही शंकराचार्य की घोषणा भोपाल में करेगा, लेकिन उनकी गद्दी (पीठ) राजस्थान के पुष्कर में स्थापित की जाएगी। वहीं शंकराचार्य का स्थायी निवास होगा।
पुष्कर को चुनने का कारण यहां स्थित भगवान ब्रह्मा का एकमात्र प्रमुख मंदिर बताया गया है।
VHP का समर्थन
इस पूरे मामले में विश्व हिंदू परिषद भी किन्नर समुदाय के समर्थन में सामने आई है। VHP ने आरोप लगाया है कि एक स्थानीय ट्रांसजेंडर लीडर किन्नर जिहाद और जबरन धर्मांतरण में शामिल है, जिसकी शिकायत कलेक्टर से भी की गई है।
साभार…
Leave a comment