Friday , 2 January 2026
Home Uncategorized Huntsman Spider: ‘हार्मलेस’ मानी जाने वाली मकड़ी भी बन सकती है जानलेवा
Uncategorized

Huntsman Spider: ‘हार्मलेस’ मानी जाने वाली मकड़ी भी बन सकती है जानलेवा

‘हार्मलेस’ मानी जाने वाली मकड़ी भी

आयुर्वेदिक केस-स्टडी ने खोली आंखें

Huntsman Spider: भोपाल। मध्यप्रदेश सहित देश के कई हिस्सों में पाई जाने वाली हंट्समैन स्पाइडर (Huntsman Spider) को अब तक आमतौर पर खतरनाक नहीं माना जाता था, लेकिन हालिया मेडिकल रिपोर्ट और आयुर्वेदिक केस-स्टडी ने इस धारणा को चुनौती दी है।
पंडित खुशीलाल आयुर्वेद संस्थान से पीजी कर रही 28 वर्षीय युवती के मामले ने यह स्पष्ट कर दिया कि इस मकड़ी का काटना केवल खुजली या लालिमा तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह तेजी से बढ़ने वाले डर्मो-नेक्रोटिक घाव यानी मांस गलने की स्थिति में भी बदल सकता है।

खास बात यह रही कि इस गंभीर स्थिति में न तो सर्जरी की जरूरत पड़ी और न ही एंटीबायोटिक या पेनकिलर दी गई—मरीज को पूरी तरह आयुर्वेदिक इलाज से ठीक किया गया

एक नहीं, दो केस—दोनों आयुर्वेद से ठीक

इसी तरह कलियासोत डेम से सटी बस्ती में रहने वाली 32 वर्षीय महिला भी हाल ही में हंट्समैन मकड़ी की चपेट में आई। उसे भी बिना पेनकिलर या आधुनिक दवाओं के, केवल आयुर्वेदिक उपचार से ठीक किया गया।
इन दोनों मामलों की विस्तृत रिपोर्ट ‘जर्नल ऑफ आयुर्वेद’ में प्रकाशित की गई है।

आमतौर पर सोते समय करती है हमला

हंट्समैन स्पाइडर रात में सक्रिय होती है, इसलिए इसके अधिकतर शिकार सोते समय होते हैं।
पीजी स्टूडेंट के अनुसार, वह रात में शॉर्ट्स पहनकर सो रही थी। नींद के दौरान पैर पर कुछ रेंगने जैसा महसूस हुआ, लेकिन ध्यान नहीं दिया। कुछ घंटों बाद बिस्तर पर एक मृत मकड़ी मिली और पैर के पीछे दो गोल लाल निशान दिखे। शुरुआत में न दर्द था, न कोई गंभीर लक्षण।

अगली सुबह बिगड़ गई हालत

सुबह होते-होते पैर के पिछले हिस्से और पिंडली के ऊपर तेज जलन, दर्द और खुजली शुरू हो गई। दोनों घावों के बीच नीलापन और गड्ढे जैसी संरचना बनने लगी—जो इस बात का संकेत था कि जहर त्वचा के अंदर तेजी से फैल रहा है।

गलने लगा मांस, बन गया नेक्रोटिक घाव

जांच में सामने आया कि यह सामान्य स्पाइडर बाइट नहीं, बल्कि डर्मो-नेक्रोटिक लेजन है।
मेडिकल साइंस के अनुसार, कुछ मकड़ियों के जहर में ऐसे तत्व होते हैं जो रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे उस हिस्से में रक्त प्रवाह रुक जाता है और त्वचा व मांस मरने लगते हैं।
तीसरे दिन फफोले बनने लगे और सातवें दिन तक घाव पूरी तरह नेक्रोटिक हो गए।

आयुर्वेद में मकड़ी का जहर: ‘लूता विष’

आयुर्वेद में मकड़ी के काटने को ‘लूता विष’ कहा गया है, जिसका विस्तृत वर्णन अगद तंत्र (विष विज्ञान) में मिलता है।
डॉक्टरों ने इसे पित्त-कफ प्रधान लूता विष माना, क्योंकि मरीज में जलन, सूजन, लालिमा, खुजली और तेज दर्द जैसे लक्षण थे। आयुर्वेद के अनुसार मकड़ी का विष केवल काटने से ही नहीं, बल्कि उसके लार या शरीर के संपर्क से भी असर कर सकता है।

काढ़ा, अगद और घृत से हुआ इलाज

दोनों मरीजों का इलाज ओपीडी स्तर पर किया गया।
इलाज में—

  • गुडूच्यादि कषाय
  • विल्वादी अगद
  • घावों की सफाई के लिए त्रिफला कषाय
  • बाहरी उपयोग के लिए शतधौत घृत

का प्रयोग किया गया। मरीजों को मसालेदार, खट्टा और मांसाहारी भोजन से परहेज की सलाह दी गई।

पांचवें दिन बढ़ा दर्द, बदला गया उपचार

पांचवें दिन दर्द और हल्के बुखार के लक्षण बढ़े, जिसके बाद इलाज में सूर्यप्रभा गुटिका जोड़ी गई।
सातवें दिन मृत ऊतक को हटाकर महातिक्तक घृत लगाया गया, जिससे घाव भरने की प्रक्रिया तेज हुई।

17वें दिन पूरी तरह भरा घाव

लगातार उपचार और निगरानी के बाद 17वें दिन तक घाव पूरी तरह भर गया।
21 दिन बाद मुख्य दवाएं बंद कर दी गईं और शरीर में बचे संभावित विष को खत्म करने के लिए दूषीविषारी अगद और हरिद्राखंड दिया गया। किसी भी प्रकार का साइड इफेक्ट सामने नहीं आया।

मॉडर्न मेडिसिन बनाम आयुर्वेद

मॉडर्न मेडिसिन में ऐसे मामलों में दर्द निवारक, एंटीबायोटिक और कई बार सर्जरी की जरूरत पड़ती है, जबकि यह केस-स्टडी बताती है कि सही समय पर दिया गया आयुर्वेदिक इलाज बिना सर्जरी भी प्रभावी हो सकता है

12 सेमी तक हो सकती है हंट्समैन स्पाइडर

हंट्समैन स्पाइडर मध्यभारत से दक्षिण भारत तक पाई जाती है। पैरों को फैलाने पर इसका आकार 7 से 12 सेमी तक हो सकता है। यह भूरे रंग की और गर्म जलवायु में पनपने वाली मकड़ी है।

काटने के लक्षण

  • तेज दर्द और जलन
  • सूजन और त्वचा का नीला पड़ना
  • बुखार, कंपकंपी
  • हाई ब्लड प्रेशर
  • एंग्जायटी, सिरदर्द, पसीना
  • साभार… 

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

Increase: कमर्शियल गैस सिलेंडर 111 रुपये महंगा, 28 महीनों की सबसे बड़ी बढ़ोतरी

Increase:नई दिल्ली। नए साल की शुरुआत आम लोगों और कारोबारियों के लिए...

Loss: घटिया कोयला आपूर्ति से पावर प्लांटों को भारी नुकसान

रेजिडेंट ऑफिसर की साठगांठ का खुलासा, प्रतिमाह करोड़ों की चपत Loss: भोपाल।...

Havoc: दूषित पानी से हाहाकार: मौतों का आंकड़ा 15 पहुंचा, 201 मरीज अस्पतालों में भर्ती

Havoc:इंदौर। शहर में दूषित पानी के कारण फैली बीमारी ने गंभीर रूप...

MP Weather Update: कड़ाके की ठंड के बीच बारिश का अलर्ट, कोहरे से बढ़ी परेशानी

MP Weather Update: भोपाल। मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड का दौर...