मामला अस्थायी शराब लाइसेंस और दण्ड का
License: बैतूल। साल 2025 की विदाई और 2026 के स्वागत के लिए बैतूल सहित सभी जगह जश्र की तैयारियां पूरी हो चुकी है। बैतूल और बैतूल के आसपास के कैफे, रेस्टारेंट, होटल और प्रायवेट गार्डनों में देर शाम से न्यू ईयर सेलीब्रेशन शुरू हो जाएगा। मध्यप्रदेश शासन ने पहली बार शराब पिलाने के लिए अस्थायी लाइसेंस जारी करने की घोषणा की है। दूसरी तरफ इन होटलों और रेस्टारेंट से शराब पीने के बाद गाड़ी चलाकर घर पहुंचने पर भी पुलिस कई तरह के प्रावधानों के अंतर्गत कानूनी कार्यवाही कर सकती है। इस तरह से यह नया कानून सरकार का राजस्व तो बढ़ाएगा लेकिन शराबियों के लिए परेशानियों का सबब भी बनेगा।
एक दिन का मिलेगा अस्थायी लाइसेंस
आबकारी विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस बार न्यू ईयर पार्टियों के लिए एक दिन का अस्थायी लाइसेंस (एफएल-5 कैटेगिरी) दिया जा रहा है। यह लाईसेंस रेस्टोरेंट, होटल, रिसोर्ट, फार्म हाऊस या घर पर होने वाली पार्टियों में शराब का सेवन करने के लिए दिया जा रहा है। अगर बिना लाइसेंस के कहीं शराब पार्टी हुई तो आयोजकों के साथ-साथ शराब पीने वालों पर भी केस दर्ज हो सकता है।
ऑनलाइन फीस की जा सकती जमा
आबकारी विभाग के अनुसार इस बार जो शराब पीने के लिए अस्थायी लाइसेंस दिया जा रहा है उसमें घर के लिए 500 रुपए, गार्डन के लिए 5 हजार रुपए एवं होटल, रेस्टोरेंट के लिए 10 हजार रुपए की ऑनलाइन फीस जमा कर अस्थायी लाइसेंस प्राप्त किया जा सकता है। ये लाइसेंस सिर्फ आज रात्रि के लिए वैध रहेगा।
पीने के बाद गाड़ी चलाने पर रहेगी नजर
इधर पुलिस विभाग की ओर से विज्ञप्ति और अन्य माध्यमों से यह बताया जा रहा है कि नए साल के जोश में होश खोया तो पुलिस सख्त कार्यवाही करेगी। बैतूल एसपी वीरेंद्र जैन ने कहा कि नशे की अवस्था में वाहन ना चलाए यह दण्डनीय अपराध है एवं सडक़ दुर्घटना का प्रमुख कारण है। 31 दिसम्बर की रात पुलिस और ट्रैफिक विभाग की टीमें शहर के प्रमुख मार्गों पर चैकिंग करेगी और शराब पीकर गाड़ी चलाने वाले और हुड़दंग करने वाले नशेडिय़ों पर सख्त कार्यवाही करेगी।
लाइसेंस भी दे रहे और गाड़ी भी नहीं चलाना
मध्यप्रदेश शासन ने राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से इस बार एक नई पहल करते हुए एक दिन का अस्थायी लाइसेंस जारी करने का निर्णय लिया है। वैसे भी चोरी-छिपे होटलों और रिसोर्ट में नए साल के जश्र में शराब का सेवन आम बात है। इस बहाने कम से कम आबकारी विभाग को बड़ी राशि राजस्व के रूप में प्राप्त हो सकती है। लेकिन दूसरी तरफ शासन की व्यवस्था के अंतर्गत शराब पीकर गाड़ी चलाना अपराध है। यदि आप होटलों और रिसोर्ट में शराब पीने की अनुमति दे रहे हैं तो पीने वाला घर भी लौटेगा और यदि वह अकेला है तो वह गाड़ी भी चलाएगा। इस स्थिति में पीने वालों को 500 रुपए का वो परमिट लेना उचित रहेगा जिसमें घर में बैठकर मित्रों के साथ शराब पी जा सके। इससे दुर्घटना भी नहीं होगी और पुलिस के चालान से भी बचा जा सकता है।
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