मध्य प्रदेश की 4 हस्तियों को पद्मश्री सम्मान से नवाज़ा जाएगा
Padma Awards: नई दिल्ली। साल 2026 के पद्म अवॉर्ड्स की घोषणा कर दी गई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार इस वर्ष कुल 131 प्रतिष्ठित नागरिकों को भारत के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया जाएगा — जिसमें 5 को पद्म विभूषण, 13 को पद्म भूषण और 113 को पद्मश्री से सम्मानित किया जाएगा।
मध्य प्रदेश की 4 हस्तियों को पद्मश्री सम्मान
इस बार पद्मश्री पुरस्कार से मध्य प्रदेश की चार प्रमुख हस्तियों को सम्मानित किया जाएगा। ये सभी अपने-अपने क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान के लिए चुने गए हैं:
| नाम | शहर/जिला | क्षेत्र |
|---|---|---|
| कैलाश चंद्र पंत | भोपाल | साहित्य एवं शिक्षा |
| मोहन नागर | मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद उपाध्यक्ष | समाज सेवा |
| भगवानदास रैकवार | सागर | खेल (मार्शल आर्ट) |
| नारायण व्यास | उज्जैन | पुरातत्व |
इन चारों की विशेष उपलब्धियां
- कैलाश चंद्र पंत (भोपाल) — साहित्य और शिक्षा क्षेत्र में वर्षों से निरंतर योगदान के लिए सम्मानित होंगे।
- मोहन नागर — जल संरक्षण, आदिवासी सहायता और समाज सेवा के क्षेत्र में किए गए प्रेरणादायक कार्यों के लिए पद्मश्री से सम्मानित होंगे।
- भगवानदास रैकवार (सागर) — मार्शल आर्ट में उत्कृष्ट प्रदर्शन और खेल के विकास के लिए चुने गए हैं।
- नारायण व्यास (उज्जैन) — पुरातत्व के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्यों और शोध के लिए सम्मान प्राप्त करेंगे।
पद्म अवॉर्ड्स की महत्ता
पद्म पुरस्कार भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान में शामिल हैं और इन्हें देश के लिए असाधारण सेवा, उत्कृष्ट उपलब्धियों और समाज के उत्थान में विशेष योगदान देने वाले व्यक्तियों को भारतीय गणराज्य के राष्ट्रपति द्वारा प्रदान किया जाता है।
मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के सारंगपुर निवासी मोहन नागर को पर्यावरण और जल संरक्षण के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए सम्मानित किया गया है। छोटे से गांव रायपुरिया में 23 फरवरी 1968 को जन्मे मोहन नागर को आदिवासी क्षेत्रों में जल संरक्षण और सामाजिक जागरूकता के लिए किए गए कार्यों के कारण देशभर में ‘जल पुरुष’ के नाम से जाना जाता है।
तीन दशकों से जल और समाज सेवा में जुटे
मोहन नागर पिछले करीब तीन दशकों से बैतूल स्थित भारत भारती शिक्षा संस्थान से जुड़े हुए हैं। उन्होंने आदिवासी इलाकों में पानी की समस्या को समझते हुए वहां जल संरचनाओं के निर्माण, तालाबों के पुनर्जीवन और नदी संरक्षण पर व्यापक काम किया है।
जन अभियान परिषद में निभा रहे हैं अहम भूमिका
वर्तमान में वे मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष हैं। उनके नेतृत्व में जिले में जल संरक्षण, नदी पुनर्जीवन और सामाजिक चेतना से जुड़े कई नवाचार चलाए जा रहे हैं, जिनसे ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता और लोगों की जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव आया है।
पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरणा बने मोहन नागर
मोहन नागर का कार्य केवल जल संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्होंने समाज को प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर जीने की प्रेरणा दी है। यही वजह है कि वे आज प्रदेश ही नहीं, बल्कि देशभर में पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक प्रेरणास्रोत के रूप में पहचाने जाते हैं।
साभार…
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