कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने 2700 रुपये प्रति क्विंटल खरीदी की मांग की
Politics intensifies: भोपाल। मध्य प्रदेश में गेहूं के समर्थन मूल्य को लेकर राजनीति गर्मा गई है। जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर गेहूं की खरीदी 2700 रुपये प्रति क्विंटल की दर से सुनिश्चित करने की मांग की है। पटवारी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने इस वर्ष बोनस राशि में कटौती कर किसानों के साथ अन्याय किया है।
पिछले साल 175 रुपये बोनस दिया था
अपने पत्र में पटवारी ने कहा कि वर्ष 2026 को ‘कृषि वर्ष’ घोषित करने और कृषि कैबिनेट आयोजित करने के बावजूद किसानों को जमीनी स्तर पर राहत नहीं मिल रही है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष केंद्र सरकार ने 2425 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य घोषित किया था, जिस पर राज्य सरकार ने 175 रुपये बोनस दिया था। इस तरह किसानों को कुल 2600 रुपये प्रति क्विंटल का भुगतान मिला था।
इस साल केवल 15 रुपये बोनस
इस वर्ष केंद्र सरकार द्वारा 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य घोषित किया गया है, लेकिन राज्य सरकार ने केवल 15 रुपये बोनस देने की घोषणा की है। पटवारी का कहना है कि यदि सरकार पिछले वर्ष की तरह 175 रुपये बोनस देती, तो किसानों को 2700 रुपये प्रति क्विंटल का लाभ मिल सकता था, जैसा कि संकल्प पत्र में वादा किया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि पड़ोसी राज्य राजस्थान में 150 रुपये बोनस दिया जा रहा है।
पंजीयन प्रक्रिया पर भी सवाल
कांग्रेस ने समर्थन मूल्य पर फसल विक्रय की पंजीयन प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि पंजीयन वेबसाइट बार-बार बंद या धीमी हो जाती है, जिससे किसानों को परेशानी हो रही है। कई जिलों में गेहूं की कटाई पूरी हो चुकी है और किसान मंडियों में पहुंच रहे हैं, लेकिन खरीदी प्रक्रिया शुरू न होने के कारण उन्हें कम दाम पर फसल बेचने को मजबूर होना पड़ रहा है।
सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल इस मुद्दे पर राज्य सरकार की ओर से औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में गेहूं खरीदी और बोनस को लेकर सरकार क्या निर्णय लेती है, इस पर किसानों और राजनीतिक दलों की नजरें टिकी हुई हैं।
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