मनरेगा का नाम बदलने को लेकर कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने दी तीखी प्रतिक्रिया
Press talk:बैतूल। कांग्रेस ने 100 दिन के रोजगार गारंटी योजना लागू की थी जिसका नाम मनरेगा था और इस योजना का अब भाजपा ने नाम बदलकर वीबी जीराम जी कर दिया है। इसका नाम विकसित भारत आजीविका मिशन ग्रामीण है। इसको लेकर आज जिला कांग्रेस अध्यक्ष निलय डागा ने भाजपा पर निशाना साधते हुए पत्रकारवार्ता के दौरान कहा कि मुद्दों से भटकाने के लिए भाजपा कुछ ना कुछ ऐसा करती है कि जनहित के मुद्दे नीचे दब जाते है। ऐसा ही कुछ अब मनरेगा का नाम बदलकर किया है, हालांकि नाम बदलने से कुछ होता नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर आप गांधी जी के नाम को और उनके विचारों को अगर दुनिया से मिटाना चाहते हो तो यह संभव नहीं है। जिनकी प्रतिमा 80 देशों में लगी है और पूरी दुनिया उनके अहिंसा वाले विचारों पर चल रही है।
मजदूरों को नहीं मिल रहा रोजगार
श्री डागा ने आगे कहा कि कांग्रेस सरकार ने 2005 में जिस मनरेगा योजना में साल में 100 दिन काम देने की गारंटी दी थी उसमें भाजपा सरकार ने कई बदलाव लाए हैं जिससे मजदूरों को रोजगार से वंचित होना पड़ रहा है। जहां पहले बजट में 90 प्रतिशत केंद्र सरकार का रहता था और 10 प्रतिशत राज्य सरकार का रहता था लेकिन अब 60 प्रतिशत केंद्र सरकार का रहेगा और 40 प्रतिशत राज्य सरकार का रहेगा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की राज्य सरकार कर्ज में डूबी है तो वो कैसे 40 प्रतिशत बजट इस योजना को दे सकेंगे।
गरीब, आदिवासियों को नहीं मिल पाएगा उपचार
श्री डागा ने पीपीपी मोड वाले मेडिकल कालेज पर भी कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव में वादा किया गया था कि सरकारी मेडिकल कालेज खोलेंगे लेकिन खुल रहा है पीपीपी मोड वाला मेडिकल कालेज। इसको सरकार ने 33 एकड़ जमीन दी है। उन्होंने कहा कि इस पीपीपी मोड वाले मेडिकल कालेज खुलने से इलाज महंगा होगा। सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा। गरीब मरीजों के लिए बैड नहीं मिलेंगे। इसके अलावा मेडिकल शिक्षा भी महंगी हो जाएगी जिससे जिले के आदिवासी बच्चे लाभान्वित नहीं हो पाएंगे। इस पर सरकार नियंत्रण भी नहीं रहेगा। ये सीधे तौर पर ग्रामीणों और आदिवासियों की उपेक्षा है।
यह भी लगाए आरोप
श्री डागा ने भाजपा सरकार और अधिकारियों-कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि आदिम जाति कल्याण विभाग ने दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के साथ भेदभाव कर उन्हें हटा दिया गया है। आदिवासियों के साथ मारपीट और हत्या जैसे मामले सामने आ रहे हैं। वन अधिकार के पट्टे नहीं मिल रहे हैं। लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। श्री डागा ने कहा कि कांग्रेस पानी के सेम्पल लेकर उनकी जांच कराएगी।
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