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Rain: लो प्रेशर एरिया और साइक्लोनिक सर्कुलेशन से अगले दो दिन बरसेंगे बादल, फिर बढ़ेगी ठंड

लो प्रेशर एरिया और साइक्लोनिक

Rain: भोपाल | मध्यप्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट ले रहा है। लो प्रेशर एरिया (निम्न दबाव क्षेत्र) और साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवातीय गतिविधि) के असर से राज्य के कई हिस्सों में अगले दो दिन तक बारिश होने के आसार हैं। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर में बादल छाने और बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है, जबकि पश्चिमी इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है।


☁️ मौसम वैज्ञानिकों की चेतावनी

सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, रविवार को उत्तर-पूर्वी हिस्से में निम्न दबाव का क्षेत्र और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम सक्रिय रहा। इसका असर सोमवार और मंगलवार तक जारी रहेगा।
इन दो दिनों में भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, ग्वालियर, सागर और जबलपुर संभाग के 30 से अधिक जिलों में बादल, आंधी और बारिश वाला मौसम रहेगा।


🌡️ दिन का पारा बढ़ा, कई शहरों में 30 डिग्री पार

रविवार को धूप खिलने से दिन का तापमान 1 से 2.9 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ गया।

  • भोपाल – 31.1°C
  • इंदौर – 30.1°C
  • ग्वालियर – 31°C
  • उज्जैन – 30°C
  • जबलपुर – 29.8°C

दतिया, गुना, नर्मदापुरम, खंडवा, रतलाम, श्योपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, खजुराहो, मंडला, नौगांव, सतना और उमरिया में भी तापमान 30°C या उससे अधिक रहा।


🌬️ 4 नवंबर से आएगा वेस्टर्न डिस्टरबेंस, बढ़ेगी ठंड

4 नवंबर की रात से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) सक्रिय होगा। इसका असर 48 घंटे बाद यानी 6 नवंबर से मध्यप्रदेश में दिखेगा। इसके चलते उत्तरी हवाएं चलेंगी और दिन के तापमान में गिरावट आएगी।


अक्टूबर में रिकॉर्ड बारिश, नवंबर में ठंड-बारिश दोनों का ट्रेंड

अक्टूबर माह में प्रदेश में औसत से 121% ज्यादा बारिश दर्ज की गई। औसतन 1.3 इंच के मुकाबले 2.8 इंच वर्षा हुई।

  • भोपाल – 2.8 इंच
  • जबलपुर – 3.3 इंच
  • ग्वालियर – 4.2 इंच
  • उज्जैन – 2.1 इंच
  • इंदौर – 3.4 इंच (10 साल में दूसरी बार इतनी अधिक बारिश)

श्योपुर में सर्वाधिक 6.52 इंच बारिश दर्ज की गई, जबकि खंडवा अकेला जिला रहा जहां सामान्य से कम पानी गिरा।


🌧️ बेहतर मानसून, भरपूर जलस्तर

इस बार का मानसून सीजन भी प्रदेश के लिए बेहतर रहा। भोपाल और ग्वालियर सहित 30 जिलों में ‘बहुत अधिक’ बारिश दर्ज की गई।
गुना में पूरे सीजन में 65.7 इंच पानी गिरा, जबकि श्योपुर में 216% अधिक वर्षा दर्ज की गई। इससे भू-जल स्तर में वृद्धि और सिंचाई-पेयजल की स्थिति सुधरी है।


🧣 नवंबर में ठंड बढ़ेगी, रिकॉर्ड टूटने की संभावना

मौसम विभाग के अनुसार, नवंबर के दूसरे सप्ताह से ठंड तेज होगी।
खासकर ग्वालियर-चंबल संभाग में उत्तरी हवाओं के कारण तापमान में बड़ी गिरावट देखी जा सकती है।
इतिहास बताता है कि ग्वालियर में 56 साल पहले नवंबर में रात का तापमान 3°C, और उज्जैन में 2.3°C तक दर्ज किया गया था।

साभार… 

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