पूर्वी जिलों में बादल, अगले 2 दिन तेज ठंड से राहत; 22–23 जनवरी के बाद बूंदाबांदी के आसार
Season: भोपाल। मध्य प्रदेश के ऊपर से गुजर रहे दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण प्रदेश के मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। इसका असर खासतौर पर पूर्वी जिलों में देखा जा रहा है, जहां बादल छाए हुए हैं। रविवार को भोपाल, नर्मदापुरम सहित कई जिलों में दिनभर बादल बने रहे।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिन तक कड़ाके की ठंड से कुछ राहत मिलेगी, लेकिन इसके बाद बूंदाबांदी और हल्की बारिश के आसार हैं। सुबह के समय कोहरे का असर भी बना रहेगा।
इन जिलों में छाया कोहरा
सोमवार सुबह ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना में मध्यम कोहरा छाया रहा। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन समेत एक दर्जन से अधिक जिलों में हल्का कोहरा देखा गया। इस बीच, कई इलाकों में न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
मौसम बदलने की वजह
मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश के ऊपरी हिस्से से गुजर रहे दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन और पाकिस्तान के ऊपर सक्रिय वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के कारण यह स्थिति बनी है।
इसके अलावा, 19 जनवरी और 21 जनवरी की रात से दो नए पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकते हैं, जिसका असर एमपी में भी दिखेगा। 22–23 जनवरी के बाद कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना है।
सबसे ठंडा शहडोल का कल्याणपुर
मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल प्रदेश में शहडोल का कल्याणपुर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 3.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
अन्य प्रमुख न्यूनतम तापमान इस प्रकार रहे—
- खजुराहो: 5.8°C
- नौगांव–उमरिया: 6°C
- रीवा: 6.4°C
- पचमढ़ी: 6.8°C
- मंडला: 7.2°C
- मलाजखंड: 7.6°C
बड़े शहरों में तापमान 10 डिग्री से ऊपर
प्रदेश के पांच बड़े शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से अधिक रहा—
- भोपाल: 11°C
- इंदौर: 12°C
- ग्वालियर: 10°C
- उज्जैन: 13°C
- जबलपुर: 10.5°C
इस बार रिकॉर्ड तोड़ ठंड
इस साल मध्य प्रदेश में ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
- नवंबर में 84 साल की सबसे ज्यादा ठंड पड़ी
- दिसंबर में 25 साल का रिकॉर्ड टूटा
- जनवरी में भी कड़ाके की ठंड जारी है, जिससे भोपाल में 10 साल का रिकॉर्ड टूट चुका है
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, जनवरी में प्रदेश में शीतलहर, घना कोहरा और माइनस वाली ठंड का असर देखने को मिल रहा है।
जनवरी क्यों होती है ठंड के लिए खास
मौसम विभाग के मुताबिक, जैसे मानसून में जुलाई–अगस्त सबसे अहम होते हैं, उसी तरह दिसंबर और जनवरी ठंड के लिए सबसे महत्वपूर्ण महीने होते हैं।
इन महीनों में उत्तर भारत से ठंडी हवाएं ज्यादा आती हैं, जिससे तापमान में तेज गिरावट होती है। साथ ही, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मावठा (सर्दी की बारिश) भी गिरता है।
भोपाल में जनवरी के मौसम का रिकॉर्ड
भोपाल में जनवरी में मौसम के कई रिकॉर्ड दर्ज हैं—
- 18 जनवरी 1935: न्यूनतम तापमान 0.6°C
- 26 जनवरी 2009: अधिकतम तापमान 33°C
- पिछले 10 में से 7 साल जनवरी में बारिश
- 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश: 2 इंच (6 जनवरी 2004)
- सर्वाधिक मासिक बारिश: 3.8 इंच (जनवरी 1948)
- साभार…
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