System started: डिजिटल डेस्क। अब एयरपोर्ट पर सामान खोने या छूटने की चिंता यात्रियों के लिए बड़ी समस्या नहीं रहेगी। जयपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर देश की पहली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित ‘लॉस्ट एंड फाउंड’ प्रणाली शुरू कर दी गई है। इस पूरी तरह ऑटोमेटेड सिस्टम के जरिए खोए हुए सामान को ट्रैक करना और यात्रियों तक सुरक्षित रूप से लौटाना आसान हो जाएगा।
लंबी प्रक्रिया से मिलेगी राहत
इस नई सुविधा की आधिकारिक घोषणा बुधवार को की गई। जयपुर एयरपोर्ट लिमिटेड के अनुसार, अब यात्रियों को खोए हुए सामान के लिए लंबी और जटिल प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। जयपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा देश का पहला ऐसा एयरपोर्ट बन गया है, जहां दोनों टर्मिनलों पर यह सुविधा 24 घंटे, सप्ताह के सातों दिन उपलब्ध रहेगी।
अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सिस्टम
एयरपोर्ट प्रवक्ता ने बताया कि यह ‘लॉस्ट एंड फाउंड’ सिस्टम अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित किया गया है। इसके तहत एयरपोर्ट पर मिलने वाले सामान को सुरक्षित, व्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से संरक्षित किया जाएगा। इस अत्याधुनिक एआई सिस्टम को विकसित करने में पिछले करीब तीन महीनों से लगातार काम किया जा रहा था।
एआई पावर्ड कैमरों से होगी पहचान
हवाई अड्डा प्राधिकरण के अनुसार, इस प्रणाली में एआई पावर्ड कैमरों का उपयोग किया गया है। जैसे ही एयरपोर्ट परिसर में कोई सामान मिलता है, कैमरा उसकी तस्वीर लेता है और स्थान, तारीख, समय व विवरण के साथ उसे स्वतः सिस्टम में दर्ज कर देता है।
इसके बाद यात्री एयरपोर्ट की वेबसाइट के माध्यम से अपने खोए हुए सामान की स्थिति आसानी से जांच सकेंगे।
यात्रियों को मिलेगी बड़ी सुविधा
इस नई पहल से न सिर्फ यात्रियों का समय बचेगा, बल्कि एयरपोर्ट पर पारदर्शिता और सुरक्षा भी बढ़ेगी। माना जा रहा है कि आने वाले समय में अन्य बड़े हवाई अड्डे भी जयपुर मॉडल को अपनाएंगे।
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