वास्तु शास्त्र के अनुसार सही दिशा में रखा घड़ा बढ़ाता है धन और सकारात्मक ऊर्जा
Vastu Tips: धर्म डेस्क। वास्तु शास्त्र में घर की सुख-समृद्धि के लिए रसोई (किचन) को सबसे महत्वपूर्ण स्थान माना गया है। रसोई केवल भोजन पकाने की जगह नहीं, बल्कि घर की ऊर्जा का केंद्र होती है। वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, यदि रसोई में मिट्टी का घड़ा सही दिशा और नियमों के साथ रखा जाए, तो घर में आर्थिक तंगी दूर होती है और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है।
किस दिशा में रखें मिट्टी का घड़ा?
वास्तु शास्त्र के अनुसार, रसोई में पानी से भरा मिट्टी का घड़ा रखने के लिए उत्तर (North) या उत्तर-पूर्व (North-East) दिशा सबसे शुभ मानी जाती है, जिसे ईशान कोण भी कहा जाता है। यह दिशा जल तत्व और देवताओं से जुड़ी मानी जाती है। यहां रखा गया जल धन, शांति और समृद्धि को आकर्षित करता है।
भूलकर भी न करें ये गलतियां
मिट्टी का घड़ा रखते समय कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना जरूरी है—
- घड़ा कभी खाली न रखें। खासतौर पर रात में घड़ा खाली रहना अशुभ माना जाता है। भरा हुआ घड़ा संपन्नता और निरंतर धन प्रवाह का प्रतीक है।
- धूप और गर्मी से बचाएं। घड़े को सीधी धूप या अधिक गर्म स्थान पर न रखें। इसे ठंडी और छायादार जगह पर रखें।
- साफ-सफाई रखें। घड़ा और उसके आसपास की जगह हमेशा साफ रखें, क्योंकि गंदगी नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाती है।
रसोई से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण वास्तु नियम
सिर्फ घड़ा ही नहीं, बल्कि पूरी रसोई की व्यवस्था भी वास्तु के अनुसार होनी चाहिए—
- नुकीली वस्तुएं जैसे चाकू-छुरी खुली नजर में न रखें, इन्हें ढककर रखना शुभ माना जाता है।
- रोशनी और हवा का पूरा इंतजाम होना चाहिए। हवादार और उजली रसोई घर में स्वास्थ्य और शांति बनाए रखती है।
- सामान व्यवस्थित रखें। बिखरी और अव्यवस्थित रसोई मानसिक तनाव और नकारात्मक ऊर्जा का कारण बनती है।
स्वास्थ्य और समृद्धि दोनों का लाभ
मिट्टी का घड़ा जहां एक ओर ठंडा और शुद्ध पानी देकर स्वास्थ्य लाभ देता है, वहीं वास्तु के अनुसार यह घर में बरकत भी लाता है। यदि आप आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे हैं, तो किचन की उत्तर या ईशान दिशा में पानी से भरा मिट्टी का घड़ा रखना एक सरल और प्रभावी उपाय माना जाता है।
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