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Winter: MP में कड़ाके की सर्दी का दौर शुरू: अगले 48 घंटे में पारा 2–3°C और गिरेगा

MP में कड़ाके की सर्दी का दौर शुरू

Winter: मध्यप्रदेश में एक बार फिर कड़ाके की ठंड दस्तक देने जा रही है। हिमालयी क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी और पिघलती बर्फ से उठने वाली बर्फीली हवाएं प्रदेश की ओर बढ़ रही हैं। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 48 घंटों में भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन समेत कई शहरों के न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री तक गिरावट दर्ज की जाएगी।

पचमढ़ी फिर सबसे ठंडा

पिछली रात पचमढ़ी का तापमान 6.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम था।
भोपाल में 9.2°C, इंदौर में 8.4°C, शहडोल में 7.1°C, उमरिया में 8.2°C, जबकि अमरकंटक और शाजापुर में 8.7°C तापमान दर्ज हुआ।

किन इलाकों में सबसे ज्यादा पड़ेगी ठंड?

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बर्फीली हवाएं आने से इंदौर, ग्वालियर, चंबल, उज्जैन और सागर संभाग में कड़ाके की सर्दी का असर सबसे ज्यादा दिखेगा।
भोपाल संभाग के सीहोर और विदिशा, सागर संभाग के निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना, जबकि रीवा संभाग के सीधी, मऊगंज और सिंगरौली में भी तापमान तेजी से गिरने के आसार हैं।

नवंबर में ही टूट गए रिकॉर्ड

इस साल नवंबर में ही सर्दी ने कई रिकॉर्ड तोड़ दिए। भोपाल में लगातार 15 दिन शीतलहर चली—यह 1931 के बाद सबसे अधिक है। वहीं राजधानी में 17 नवंबर की रात का तापमान 5.2°C तक पहुंच गया, जो अब तक का ओवरऑल रिकॉर्ड रहा।

ला नीना और लगातार पश्चिमी विक्षोभ बने कारण

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार ला नीना की स्थिति ने ठंड को लंबा और तीखा धक्का दिया है। प्रशांत महासागर के ठंडा होने से ठंडी हवाएं एशिया और भारत की ओर तेजी से आती हैं।
इसके अलावा पहाड़ी राज्यों—हिमाचल, उत्तराखंड और कश्मीर—में सामान्य से पहले हुई भारी बर्फबारी ने भी मध्यभारत की ठिठुरन 20–30% तक बढ़ा दी।
मौसम में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ से होने वाली मावठा (हल्की बारिश) ने दिन के तापमान में भी 4–6 डिग्री तक गिरावट दर्ज कराई।

दिसंबर–जनवरी क्यों होते हैं सबसे ठंडे?

मौसम विभाग का कहना है कि जैसे मानसून के चार महीनों में जुलाई–अगस्त सबसे अहम होते हैं, उसी तरह ठंड के लिए दिसंबर और जनवरी सबसे प्रभावी महीने होते हैं।
इन्हीं दो महीनों में उत्तर भारत से ठंडी हवाएं अधिक मात्रा में प्रवेश करती हैं। अनुमान है कि इस बार जनवरी में 20 से 22 दिन कोल्ड वेव चल सकती है।

बड़े शहरों का दिसंबर ट्रेंड

  • भोपाल: रिकॉर्ड 3.1°C (1966), इस बार भी बारिश की संभावना
  • इंदौर: रात का पारा 5–8°C के बीच
  • ग्वालियर: सबसे ज्यादा सर्द शहरों में शामिल, रिकॉर्ड 0.4°C
  • जबलपुर व उज्जैन: मावठा से सर्दी और बढ़ेगी

प्रदेश में सर्दी का यह दौर अभी और कड़ा होने वाला है। मौसम विभाग ने नागरिकों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी है।

साभार… 

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