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Approval: मध्यप्रदेश में महिलाओं को रात्रि शिफ्ट में काम की मंजूरी

मध्यप्रदेश में महिलाओं को रात्रि शिफ्ट

सुरक्षा के साथ मिलेगा रोजगार का नया अवसर

Approval: भोपाल | मध्यप्रदेश सरकार ने एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए महिलाओं को अब रात में दुकानों, शॉपिंग मॉल, फैक्ट्रियों और प्रोडक्शन यूनिट्स में काम करने की अनुमति दे दी है। यह निर्णय दुकान और स्थापना अधिनियम, 1958 और कारखाना अधिनियम में संशोधन के बाद लागू किया गया है।

🕒 अब महिलाएं काम कर सकेंगी –

  • शॉप और बाजारों में: रात 9 बजे से सुबह 7 बजे तक
  • फैक्ट्रियों में: रात 8 बजे से सुबह 6 बजे तक

राज्य सरकार का मानना है कि यह फैसला महिला सशक्तिकरण, रोजगार के अवसरों में वृद्धि, और औद्योगिक उत्पादन को प्रोत्साहित करेगा।


📌 काम की अनुमति के लिए प्रमुख शर्तें:

🛍️ दुकानों और शोरूम के लिए:

  • नाइट शिफ्ट में काम कराने के लिए कम से कम 10 महिलाएं उस संस्था में नियुक्त होना अनिवार्य है।

🏭 कारखानों और प्रोडक्शन यूनिट्स के लिए:

  • रात्रि ड्यूटी के दौरान सुपरवाइजर, शिफ्ट-इनचार्ज, फोरमैन आदि में कम से कम एक-तिहाई महिला स्टाफ होना चाहिए।
  • सुरक्षा प्रोटोकॉल और महिला सुरक्षा के उपाय लागू करना नियोक्ता की जिम्मेदारी होगी।

🛡️ महिलाओं की सुरक्षा सर्वोपरि:

फेडरेशन चेंबर ऑफ कॉमर्स भोपाल के प्रदेश उपाध्यक्ष कैलाश अग्रवाल ने सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा:

अगर महिलाएं रात में काम करेंगी, तो उन्हें घर तक सुरक्षित पहुंचाने की जिम्मेदारी भी संस्थानों की होनी चाहिए।

उन्होंने इसे न सिर्फ उद्योगों के लिए फायदेमंद, बल्कि महिलाओं और उनके परिवारों को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत करने वाला कदम बताया।


🎯 सरकार की मंशा:

  • महिलाओं को समान अवसर देना
  • रोजगार के नए द्वार खोलना
  • प्रदेश को रात की अर्थव्यवस्था (night-time economy) की ओर बढ़ाना

🧑‍⚖️ पृष्ठभूमि और कानूनी प्रक्रिया:

  • पहले महिलाओं को रात के समय काम की अनुमति नहीं थी।
  • अब 26 जून 2016 के नियमों को समाप्त कर नया संशोधित आदेश जारी किया गया है।
  • नियोक्ताओं को सभी लेबर, सुरक्षा, स्वास्थ्य, और ट्रांसपोर्ट नियमों का पालन अनिवार्य रूप से करना होगा।

संभावित लाभ:

  1. महिलाओं को अधिक रोजगार विकल्प मिलेंगे।
  2. कंपनियों की उत्पादकता बढ़ेगी।
  3. शहरी और औद्योगिक क्षेत्रों में महिला भागीदारी में इजाफा होगा।
  4. राज्य की रात्रिकालीन अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।

सावधानियां और चुनौतियां:

  • सुरक्षित ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था
  • नाइट शिफ्ट के दौरान महिला कर्मचारी की निगरानी और समर्थन
  • शोषण या उत्पीड़न के मामलों में सख्त कार्रवाई

यह कदम मध्यप्रदेश को देश के उन गिने-चुने राज्यों में शामिल करता है जहां महिलाओं को रात में काम करने की कानूनी अनुमति है – वह भी सुरक्षा और गरिमा के साथ।

साभार … 

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