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Gift: बैतूल में मेडिकल की मिलेंगी अच्छी सुविधाएं: हेमंत खण्डेलवाल

बैतूल में मेडिकल की मिलेंगी अच्छी

बैतूल बड़ा मेडिकल सेंटर बन जाए इसके लिए कर रहे हैं प्रयास

Gift: बैतूल। आदिवासी बाहुल्य बैतूल जिले के लिए मेडिकल कॉलेज की सौगात स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में एक बड़ा परिवर्तन लेकर आने वाली है। लगभग 18 लाख की आबादी वाले इस जिले में 10 विकासखंड और 7 आदिवासी विकासखंड शामिल हैं। वर्तमान में जिले में 01 जिला अस्पताल, 01 सिविल अस्पताल और 10 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित हैं, जिनके माध्यम से प्राथमिक और द्वितीयक स्तर की स्वास्थ्य सेवाएं दी जा रही हैं। ऐसे में मेडिकल कॉलेज की स्थापना से जिले में तृतीयक स्तर की आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उक्त जानकारी पत्रकारवार्ता में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने दी। पत्रकारवार्ता में भाजपा जिलाध्यक्ष सुधाकर पंवार, भैंसदेही विधायक महेंद्र सिंह चौहान, आमला विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे मौजूद थे।


जिले में ही हो सकेगा उपचार


श्री खण्डेलवाल ने कहा कि मेडिकल कॉलेज खुलने से जिले के मरीजों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए बाहर के बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। जटिल रोगों का इलाज अब स्थानीय स्तर पर संभव हो सकेगा, जिससे मरीजों को समय, धन और मानसिक परेशानी से राहत मिलेगी। विशेषज्ञ डॉक्टरों और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता से हृदय रोग, कैंसर, न्यूरोलॉजी, ट्रॉमा, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, कुपोषण, एनीमिया, टीबी, मलेरिया, सिकल सेल रोग, गैर-संचारी रोगों सहित अन्य गंभीर बीमारियों के उपचार में उल्लेखनीय सुधार होगा।


यह मिलेगी सुविधा


श्री खण्डेलवाल ने कहा कि पीपीपी मोड पर मेडिकल कालेज से बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं मेडिकल कॉलेज के माध्यम से जिले में विशेषज्ञ डॉक्टर, सुपर स्पेशलिस्ट और प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ उपलब्ध होगा। अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक सुविधाएं जैसे सीटी स्कैन, एमआरआई और कैथ लैब की सुविधा मिलने से मरीजों को सटीक और त्वरित जांच का लाभ मिलेगा। जिला अस्पताल का उन्नयन मेडिकल कॉलेज से जुडऩे के बाद होगा, जिससे मरीजों की बढ़ती संख्या के बावजूद स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रूप से संचालित की जा सकेंगी। साथ ही, मेडिकल कॉलेज परिसर में इलाज के दौरान मरीजों की मृत्यु को रोकने में भी मदद मिलेगी, जिससे ट्रांसपोर्ट डेथ की घटनाओं में कमी आएगी।


रोजगार के सृजित होंगे अवसर


आर्थिक और सामाजिक विकास को मिलेगा बढ़ावा मेडिकल कॉलेज के खुलने से जिले में डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य सहायक कर्मचारियों के लिए बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इसके अलावा कॉलेज से जुड़े अस्पताल, छात्रावास, कैंटीन, मेडिकल स्टोर और अन्य सेवाओं के कारण स्थानीय व्यापार और रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे जिले की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। शिक्षा और शोध का नया केंद्र मेडिकल कॉलेज चिकित्सा शिक्षा और शोध का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। इससे स्थानीय विद्यार्थियों को अपने ही जिले में मेडिकल की पढ़ाई करने का अवसर मिलेगा और उन्हें बाहर जाने की मजबूरी नहीं रहेगी। शोध और प्रशिक्षण गतिविधियों से जिले में चिकित्सा क्षेत्र की गुणवत्ता और स्तर में भी सुधार होगा।
स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान पहुंच मेडिकल कॉलेज के माध्यम से आयुष्मान योजना के तहत गरीब और जरूरतमंद मरीजों को नि:शुल्क और सुलभ इलाज मिलेगा। साथ ही, जिले के लोगों को इलाज के लिए बड़े शहरों तक यात्रा नहीं करनी पड़ेगी, जिससे समय और खर्च दोनों की बचत होगी। कुल मिलाकर, मेडिकल कॉलेज की स्थापना बैतूल जिले के लिए एक ऐतिहासिक कदम साबित होगी, जो स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक विकास के नए द्वार खुलेंगे।


आरकेडीएफ गु्रप बनाएगा कालेज


पीपीपी मॉडल के तहत इस मेडिकल कॉलेज को निजी भागीदारी के साथ सरकारी स्वरूप में स्थापित किया जाएगा। इस परियोजना के लिए निजी भागीदार के रूप में आरकेडीएफ गु्रप का चयन किया गया है। आरकेडीएफ गु्रप देश भर में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित नाम है और मध्यप्रदेश सहित देश में 6 विश्वविद्यालयों का संचालन करता है। समूह को अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सा शिक्षा का व्यापक अनुभव है।


230 करोड़ रुपए आएगी लागत


मेडिकल कॉलेज परिसर के विकास हेतु राज्य सरकार द्वारा 25 एकड़ भूमि 99 वर्षों के लीज पर आवंटित की गई है। परियोजना के अंतर्गत निर्माण, अधोसंरचना और आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की स्थापना पर लगभग 230 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। यह निवेश जिले में औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों को भी गति देगा।


जिला अस्पताल बनेगा टीचिंग हॉस्पिटल


इस मेडिकल कॉलेज से जिला अस्पताल को ‘टीचिंग हॉस्पिटल’ के रूप में विकसित किया जाएगा। नेशनल मेडिकल कमीशन के मानकों के अनुसार यहां प्रारंभिक चरण में 150 एमबीबीएस सीटों को स्वीकृति मिलेगी। जिला अस्पताल में बेड की संख्या 300 से बढ़ाकर 605 की जाएगी। इसके साथ ही नई आईसीयू, इमरजेंसी और स्पेशियलिटी यूनिट्स की स्थापना की जाएगी।


उन्नत चिकित्सा और डायग्नोस्टिक सुविधाएं


परियोजना के अंतर्गत जिले में पहली बार कई अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिनमें शामिल हैं जिसमें एडवांस्ड डायग्नोस्टिक फैसिलिटी, एडवांस सीटी स्कैन, एमआरआई मशीन, डिजिटल एक्स-रे और फ्लोरोस्कोपी यूनिट, ऑटोमेटेड पैथोलॉजी और माइक्रोबायोलॉजी लैब, नेट टेस्टिंग सुविधा युक्त ब्लड बैंक, मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर कॉम्प्लेक्स, कई अत्याधुनिक मॉड्यूलर ओटी शामिल है।

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