Speed trial: आमला। मध्य रेलवे के नागपुर मंडल द्वारा इटारसी–नागपुर तृतीय रेल लाइन परियोजना के तहत चिचंडा–मुलताई के बीच 15.26 ट्रैक किलोमीटर (टीकेएम) लंबी तृतीय रेल लाइन का निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। इसके साथ ही यह महत्वाकांक्षी परियोजना एक और अहम मील का पत्थर पार कर चुकी है।
नव-निर्मित तृतीय लाइन पर 26 दिसंबर 2025 को मुख्य आयुक्त रेल संरक्षा (CCRS) के विशेष निरीक्षण के अंतर्गत स्पीड ट्रायल प्रस्तावित किया गया है। इस दौरान ट्रैक की गुणवत्ता और संरक्षा मानकों की गहन जांच की जाएगी।
रेलवे से प्राप्त जानकारी के अनुसार, चिचंडा–मुलताई तृतीय लाइन खंड का निर्माण कार्य आधुनिक तकनीक एवं उच्च मानकों के अनुरूप किया गया है। इस खंड में 01 रोड ओवर ब्रिज (ROB), 25 लघु पुलों का निर्माण किया गया है, जिनमें एक लिमिटेड हाइट सबवे (LHS) भी शामिल है। इसके अलावा लेवल क्रॉसिंग संख्या 265 का प्रावधान किया गया है तथा मुलताई स्टेशन यार्ड का रिमॉडलिंग कार्य भी पूर्ण कर लिया गया है, जिससे रेल परिचालन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
तृतीय लाइन के चालू होने से इस व्यस्त रेल मार्ग पर ट्रेनों की समयपालन क्षमता में सुधार, माल एवं यात्री यातायात को अधिक सुगम बनाने में मदद मिलेगी। साथ ही भविष्य की परिवहन आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए रेलवे अधोसंरचना को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा।
स्पीड ट्रायल के दौरान ट्रैक, ओएचई, सिग्नल एवं दूरसंचार प्रणालियों सहित सभी तकनीकी पहलुओं की बारीकी से जांच की जाएगी, ताकि उच्चतम स्तर की संरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
मध्य रेलवे का नागपुर मंडल रेल नेटवर्क के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए निरंतर प्रयासरत है। यह परियोजना न केवल क्षेत्रीय विकास को नई गति देगी, बल्कि रेल यात्रियों को अधिक सुरक्षित, तेज और विश्वसनीय सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
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