Predictions: धर्म डेस्क। इतिहास में कुछ नाम ऐसे हैं, जिनसे जुड़ी बातें समय बीतने के साथ रहस्य बन जाती हैं। ऐसी ही एक शख्सियत थीं बुल्गारिया की बाबा वेंगा, जिन्हें दुनिया भर में ‘बाल्कन की नास्त्रेदमस’ के नाम से जाना जाता है। कहा जाता है कि उन्होंने दशकों पहले जो भविष्यवाणियां की थीं, उनमें से कई बाद में सच साबित हुईं। यही कारण है कि उनकी मृत्यु के वर्षों बाद भी उनका नाम बार-बार चर्चा में आता रहता है।
बाबा वेंगा का जीवन कैसा था?
बाबा वेंगा का वास्तविक नाम वांगेलिया पांडेवा दिमित्रोवा था। उनका जन्म 31 जनवरी 1911 को बुल्गारिया में हुआ। उनका शुरुआती जीवन सामान्य था, लेकिन 12 वर्ष की उम्र में आए एक भीषण तूफान ने उनकी जिंदगी की दिशा बदल दी। इस हादसे में उनकी आंखों की रोशनी चली गई। मान्यताओं के अनुसार, इसी घटना के बाद उनमें भविष्य देखने की असाधारण क्षमता विकसित हुई।
धीरे-धीरे आसपास के लोगों ने उनकी बातों को गंभीरता से लेना शुरू किया। समय के साथ उनका नाम दूर-दूर तक फैल गया और लोग अपनी समस्याओं व आने वाले समय के बारे में जानने के लिए उनके पास पहुंचने लगे।
किन भविष्यवाणियों से मिली पहचान?
बाबा वेंगा ने करीब 50 वर्षों तक भविष्य से जुड़ी भविष्यवाणियां कीं। कहा जाता है कि उन्होंने अपनी मृत्यु से पहले वर्ष 5079 तक की घटनाओं का उल्लेख किया था। जिन भविष्यवाणियों को सबसे ज्यादा चर्चा मिली, उनमें—
- द्वितीय विश्व युद्ध का परिणाम
- सोवियत संघ का विघटन
- अमेरिका में 9/11 का आतंकी हमला
- प्रिंसेस डायना की मौत
- 2004 की विनाशकारी सुनामी
- कोरोना महामारी
जैसी घटनाओं का जिक्र शामिल बताया जाता है।
भविष्य को लेकर क्या कहा था?
आज भी बाबा वेंगा की भविष्यवाणियां लोगों की जिज्ञासा का विषय बनी हुई हैं। खासकर 2025 के बाद के समय को लेकर उन्होंने आर्थिक संकट, प्राकृतिक आपदाओं और यूरोप में बढ़ते तनाव जैसी स्थितियों की बात कही थी। हालांकि, इन दावों को लेकर विशेषज्ञों और आम लोगों के बीच मतभेद भी बने रहते हैं और कई लोग इन्हें संयोग मानते हैं।
कुल मिलाकर, बाबा वेंगा का जीवन और उनकी भविष्यवाणियां आज भी रहस्य और आस्था का विषय बनी हुई हैं, जो समय-समय पर लोगों की उत्सुकता को फिर से जगा देती हैं।
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