वायरल वीडियो पर नगर निगम की सफाई, महापौर ने गली-गली जाकर की पानी की जांच
Panic: उज्जैन। इंदौर में दूषित पेयजल से हुई मौतों के बाद उज्जैन में नगर निगम की मुनादी से शहर के कुछ इलाकों में हड़कंप मच गया। एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें दूषित पानी की आशंका को लेकर नल का पानी न पीने और उबालकर इस्तेमाल करने की अपील की जा रही थी। वीडियो फैलते ही लोग घबरा गए।
क्या थी मुनादी की असल वजह
नगर निगम ने स्पष्ट किया कि यह मुनादी पूरे शहर के लिए नहीं, बल्कि उन विशेष क्षेत्रों के लिए थी, जहां सिंहस्थ को लेकर सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा है और पेयजल लाइन खुली हुई है। वहां गंदे पानी के मिलने की आशंका को देखते हुए एहतियातन सावधान रहने को कहा गया था।
मुनादी में कहा गया था—
- अगले आदेश तक नल का पानी सीधे न पिएं
- जरूरत हो तो उबालकर और छानकर ही इस्तेमाल करें
- वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर टैंकर से पानी उपलब्ध कराया जा रहा है
- उल्टी-दस्त, सिरदर्द या जलजनित समस्या पर पीएचई कंट्रोल रूम के नंबरों पर सूचना दें
महापौर की सफाई
महापौर मुकेश टटवाल ने वायरल वीडियो पर सफाई देते हुए कहा कि मुनादी का उद्देश्य केवल निर्माण कार्य वाले इलाकों में सतर्कता बरतने का था। संदेश देने के तरीके से भ्रम फैला, इसलिए संबंधित सूचना को बाद में हटा दिया गया।
खुद मैदान में उतरे महापौर
मंगलवार को गंदे पानी की शिकायतें मिलने पर महापौर ने आदर्श नगर, अलकापुरी, छतरी चौक, कोयला फाटक से सेंट्रल कोतवाली सहित कई क्षेत्रों का निरीक्षण किया।
उन्होंने महेश नगर, श्रीराम कॉलोनी और वार्ड क्रमांक-04 नागेश्वर धाम कॉलोनी में जल कार्य समिति प्रभारी प्रकाश शर्मा, उपायुक्त योगेंद्र सिंह पटेल और अधिकारियों के साथ गली-गली जाकर पानी की शुद्धता की जांच की।
महापौर के मुताबिक, मौके पर केमिकल टेस्ट किए गए, जिनमें पानी शुद्ध पाया गया। स्थानीय रहवासियों से बातचीत में भी लोगों ने बताया कि नलों से साफ पानी आ रहा है।
प्रशासन की अपील
नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें, लेकिन किसी भी क्षेत्र में पानी को लेकर समस्या दिखे तो तुरंत निगम या पीएचई को सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
साभार …
Leave a comment