भारत में दिखेगा पूर्ण ग्रहण, सुबह से लागू रहेगा सूतक काल
Lunar eclipse: डिजिटल डेस्क। साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण फाल्गुन पूर्णिमा यानी होलिका दहन के दिन पड़ने जा रहा है। यह खगोलीय घटना 3 मार्च 2026 को होगी और भारत में इसे साफ़ तौर पर देखा जा सकेगा, इसलिए इसका सूतक काल मान्य रहेगा।
ग्रहण का समय
चंद्र ग्रहण की शुरुआत
दोपहर 2:16 बजे से होगी और इसका समापन
शाम 7:52 बजे होगा।
ग्रहण का प्रभाव दोपहर से ही दिखने लगेगा, लेकिन
3:21 बजे के बाद इसका असर अधिक स्पष्ट होगा।
चंद्रमा 6:46 बजे ग्रहण से बाहर निकलना शुरू करेगा और
7:52 बजे पूर्ण रूप से ग्रहण समाप्त होगा।
सूतक काल कब से कब तक
भारत में ग्रहण दिखाई देने के कारण सूतक काल भी लागू रहेगा।
सूतक की शुरुआत — सुबह 9:39 बजे
सूतक की समाप्ति — शाम 6:46 बजे
इस दौरान मंदिरों में पूजा, भोजन पकाने और धार्मिक कार्यों पर रोक मानी जाएगी।
इन तीन राशियों के लिए शुभ रहेगा यह चंद्र ग्रहण
ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार यह चंद्र ग्रहण कुछ राशियों के लिए विशेष लाभकारी माना जा रहा है।
मेष राशि
इस दौरान मेष राशि वालों को आय के नए स्रोत मिल सकते हैं। निवेश से लाभ, नौकरी में पदोन्नति और व्यापार में रुका पैसा मिलने के योग हैं। नए प्रोजेक्ट या कार्य की शुरुआत के लिए समय अनुकूल रहेगा।
सिंह राशि
सिंह राशि के जातकों के लिए यह ग्रहण धन और सम्मान बढ़ाने वाला सिद्ध हो सकता है। पुराने निवेश, पैतृक संपत्ति और सरकारी क्षेत्रों से जुड़े लोगों को लाभ मिलने की संभावना है।
धनु राशि
धनु राशि वालों को अचानक लाभ और आर्थिक राहत मिल सकती है। छात्रों के लिए सफलता के योग बन रहे हैं। विदेश से जुड़े करियर या नौकरी के सपने भी पूरे हो सकते हैं।
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