हाईकोर्ट से स्टे हटते ही शुरू होगा निर्माण, हादसों पर लगेगा लगाम
Approval: बैतूल। जिले के बरेठा घाट से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-46 (NH-46) के महत्वपूर्ण हिस्से को फोरलेन बनाने की मंजूरी मिल गई है। लंबे समय से लंबित इस परियोजना को लेकर अब रास्ता साफ हो गया है। हाईकोर्ट के स्टे हटने के बाद निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की उम्मीद है।
हादसों के कारण उठी थी मांग
बरेठा घाट का यह हिस्सा लंबे समय से दुर्घटनाओं के लिए कुख्यात रहा है। पिछले दो वर्षों में यहां करीब 18 लोगों की जान जा चुकी है। बढ़ते ट्रैफिक दबाव और संकरी सड़क के कारण इस मार्ग को चौड़ा करने की मांग लगातार की जा रही थी।
उत्तर-दक्षिण को जोड़ने वाला अहम मार्ग
NH-46 करीब 634 किलोमीटर लंबा हाईवे है, जो मध्यप्रदेश के भीतर ही ग्वालियर से बैतूल तक फैला है। यह राज्य के उत्तर और दक्षिण हिस्सों को जोड़ने के साथ-साथ भोपाल से नागपुर जाने वाले प्रमुख कॉरिडोर का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। अधिकांश हिस्सों में फोरलेन का काम पूरा हो चुका है, लेकिन बरेठा घाट क्षेत्र अब तक अधूरा था।
टाइगर कॉरिडोर के कारण अटका था काम
यह इलाका वन्यजीवों, खासकर बाघों की आवाजाही वाले टाइगर कॉरिडोर में आता है। इसी वजह से 1 अप्रैल 2022 को हाईकोर्ट ने निर्माण कार्य पर रोक लगा दी थी। इसके बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को पर्यावरण और वन्यजीव से जुड़ी कई मंजूरियां लेनी पड़ीं।
अब मिली सभी जरूरी मंजूरियां
वाइल्डलाइफ बोर्ड और केंद्र सरकार से आवश्यक अनुमतियां मिलने के बाद अब केवल हाईकोर्ट से अंतिम आदेश का इंतजार है। स्टे हटते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत
फोरलेन बनने से इस घाट क्षेत्र में सड़क दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है। साथ ही यातायात सुगम होगा और भोपाल-नागपुर मार्ग पर सफर करने वाले यात्रियों को भी बड़ी राहत मिलेगी।
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