Census: भोपाल। देश में आगामी जनगणना की तैयारियां पूरी होने के साथ ही प्रशासनिक सीमाएं फ्रीज कर दी गई हैं। मध्यप्रदेश में इसके लिए 31 दिसंबर अंतिम तिथि तय की गई थी। अब जनगणना पूरी होने तक राज्य में न तो नया जिला बनाया जा सकेगा और न ही नई तहसील गठित की जा सकेगी। इसके साथ ही किसी भी तरह के सीमा परिवर्तन पर भी पूरी तरह रोक लग गई है।
भोपाल की 5 नई तहसीलों का प्रस्ताव फिर अटका
प्रशासनिक सीमाएं फ्रीज होने का सीधा असर भोपाल में प्रस्तावित पांच नई तहसीलों के पुनर्गठन पर पड़ा है। शासन स्तर पर पूरा प्रस्ताव तैयार होने और स्टाफ तैनाती का उल्लेख होने के बावजूद यह मामला एक बार फिर ठंडे बस्ते में चला गया है।
सूत्रों के अनुसार, सीमाएं फ्रीज होने के बाद अब जनगणना पूरी होने तक इस पर कोई निर्णय संभव नहीं होगा।
जनगणना निदेशालय को अब तक नहीं पहुंचा लिखित आदेश
दिलचस्प स्थिति यह है कि 31 दिसंबर की समयसीमा पूरी हो जाने के बावजूद जनगणना निदेशालय को राज्य शासन का लिखित पत्र अब तक प्राप्त नहीं हुआ है। इस कारण प्रशासनिक स्तर पर असमंजस की स्थिति बनी हुई है कि नए प्रस्तावों को किस स्तर तक आगे बढ़ाया जा सकता है।
क्यों जरूरी होता है सीमाओं का फ्रीज होना
जनगणना के दौरान आबादी, क्षेत्रफल और प्रशासनिक इकाइयों के सटीक आंकड़े जुटाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा प्रशासनिक सीमाएं फ्रीज की जाती हैं। इससे डेटा संग्रह में किसी प्रकार की विसंगति न आए और आंकड़े पूरे देश में एक समान आधार पर तैयार किए जा सकें।
कब तक जारी रहेगी रोक
प्रशासनिक सीमाएं पूरी जनगणना प्रक्रिया समाप्त होने तक फ्रीज रहेंगी। इसके बाद ही नए जिले, तहसील या सीमा पुनर्गठन से जुड़े प्रस्तावों पर दोबारा विचार किया जा सकेगा।
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