Freshman year: नई दिल्ली। वर्ष 2025 को विदाई और नए साल 2026 के स्वागत के अवसर पर देश के चार प्रमुख धार्मिक स्थलों—तिरुपति, शिर्डी, वैष्णो देवी और अयोध्या—में श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड भीड़ उमड़ने की संभावना है। 31 दिसंबर और 1 जनवरी को करीब 10 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। इसे देखते हुए मंदिर प्रशासन और स्थानीय प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की विशेष तैयारियां की हैं।
तिरुपति: बिना टोकन नहीं मिलेगा प्रवेश
आंध्र प्रदेश के तिरुपति मंदिर में 30 दिसंबर से 10 दिवसीय वैकुंठ एकादशी उत्सव शुरू हो रहा है। इसी दौरान नए साल की भीड़ को देखते हुए तिरुमला तिरुपति देवस्थानम बोर्ड ने सख्त व्यवस्था लागू की है। बोर्ड के ACEO सीएच वेंकैया चौधरी के अनुसार 24 से 26 दिसंबर के बीच ही करीब 2 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए 29 से 31 दिसंबर तक 1.89 लाख दर्शन टोकन जारी करने के बाद काउंटर बंद कर दिए गए हैं। 30 दिसंबर से 1 जनवरी तक केवल वैध एडवांस टोकन धारकों को ही दर्शन की अनुमति मिलेगी। यह फैसला पिछले साल हुई भगदड़ को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
शिर्डी: 6 लाख श्रद्धालुओं की तैयारी, VIP दर्शन बंद
महाराष्ट्र के शिर्डी स्थित साईं बाबा मंदिर में इस बार करीब 6 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। साईं बाबा संस्थान ने निर्णय लिया है कि 31 दिसंबर को मंदिर पूरी रात खुला रहेगा। इस दिन रात की शेजारती और 1 जनवरी की काकड़ आरती नहीं होगी।
संस्थान के CEO गोरक्ष गाडिलकर के अनुसार इस बार दर्शन का औसत समय 6 घंटे से घटाकर 5 घंटे करने का प्रयास है। सामान्य श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए VIP दर्शन बंद कर दिए गए हैं और बाहर से ही साईं बाबा के मुख दर्शन के लिए सोने की खिड़की बनाई गई है।
वैष्णो देवी: होटल में ही जांच, 10 घंटे में यात्रा शुरू जरूरी
नए साल पर माता वैष्णो देवी मंदिर में जीरो टॉलरेंस भीड़ प्रबंधन योजना लागू की गई है। कटरा पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के दस्तावेजों की जांच होटल में ही की जा रही है। सही पहचान पत्र होने पर ही RFID कार्ड जारी किया जाएगा।
श्राइन बोर्ड ने इस बार 10 घंटे का सख्त स्टार्ट विंडो पीरियड तय किया है। यानी कार्ड मिलने के 10 घंटे के भीतर यात्रा शुरू करनी होगी और 24 घंटे के भीतर वापस लौटना अनिवार्य होगा। अधिकारियों के अनुसार यहां 70 हजार से 1 लाख श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है।
अयोध्या: आधे घंटे में दर्शन, होटल-धर्मशालाएं फुल
रामनगरी अयोध्या में नए साल से पहले ही भारी भीड़ है। रोजाना करीब 1 लाख श्रद्धालु रामलला के दर्शन कर रहे हैं। 31 दिसंबर और 1 जनवरी को यह संख्या 2 लाख तक पहुंच सकती है।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के अनुसार दर्शन और आरती व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया है। शहर के 150 बड़े होटल 3 जनवरी तक फुल हैं और करीब 80% धर्मशालाएं पहले ही बुक हो चुकी हैं। ठंड को देखते हुए मार्गों में गैस हीटर लगाए गए हैं।
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