Sunday , 18 January 2026
Home Uncategorized Funeral: 85 दिन बाद बंद खदान से मिला SECL कर्मचारी का कंकाल
Uncategorized

Funeral: 85 दिन बाद बंद खदान से मिला SECL कर्मचारी का कंकाल

85 दिन बाद बंद खदान से मिला SECL

हाईकोर्ट के आदेश पर खाली कराया गया 40 फीट गहरा पानी, आज होगा अंतिम संस्कार

Funeral: धनपुरी/शहडोल। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) धनपुरी में कार्यरत ट्रिपर चालक अनिल कुशवाहा का शव (कंकाल) 85 दिनों बाद बंद पड़ी खदान से बरामद किया गया। 11 अक्टूबर 2025 को अनिल कुशवाहा ट्रिपर सहित पानी से भरी खदान में डूब गए थे। लंबे सर्च ऑपरेशन के बावजूद शव नहीं मिल पाया था। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद खदान का पानी निकाला गया, जिसके बाद ट्रिपर के भीतर फंसा उनका शव बरामद हुआ। गुरुवार को शव परिजनों को सौंप दिया गया। आज मऊगंज स्थित उनके गृह ग्राम में अंतिम संस्कार किया जाएगा।


15 साल से बंद खदान में कराया जा रहा था काम

मऊगंज निवासी अनिल कुशवाहा SECL के सोहागपुर एरिया में आरकेटीसी प्राइवेट कंपनी के माध्यम से ठेके पर ट्रिपर चालक के रूप में कार्यरत थे।
11 अक्टूबर 2025 को भारी बारिश के बावजूद उन्हें करीब 15 वर्षों से बंद पड़ी खदान में काम पर भेजा गया। इसी दौरान मिट्टी धंसने से ट्रिपर असंतुलित होकर पानी से भरी खदान में समा गया।


NDRF, SDRF और सेना ने चलाया था सर्च ऑपरेशन

घटना के बाद पुलिस-प्रशासन, SDRF, NDRF और सेना की टीमों ने सर्च ऑपरेशन चलाया।

  • NDRF के 94 जवानों ने तलाशी ली
  • ट्रिपर 84 फीट गहराई में दिखाई तो दिया
  • लेकिन अत्यधिक पानी और जोखिम के कारण रेस्क्यू रोकना पड़ा

बाद में परिजनों की सहमति से प्रशासन ने डेथ सर्टिफिकेट जारी कर 25 लाख रुपये मुआवजा तय किया, जो SECL या ठेका कंपनी द्वारा दिया गया।


पत्नी ने हाईकोर्ट में लगाई थी गुहार

अनिल कुशवाहा की पत्नी आरती कुशवाहा ने पति के शव की बरामदगी और कंपनी की लापरवाही को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में याचिका दायर की।
याचिका में कहा गया कि—

  • खदान 15 साल से बंद थी
  • माइंस एक्ट के तहत क्लोजर रिपोर्ट नहीं बनाई गई
  • सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे
  • टारगेट पूरा करने के दबाव में काम कराया गया

आरती कुशवाहा ने कोर्ट से कहा कि वे हिंदू रीति-रिवाज से पति का अंतिम संस्कार करना चाहती हैं, कम से कम अवशेष ही उपलब्ध करा दिए जाएं।


हाईकोर्ट के आदेश पर खाली कराया गया खदान का पानी

जस्टिस विशाल मिश्रा की अदालत ने DGMS, शहडोल कलेक्टर, SECL, आरकेटीसी कंपनी और धनपुरी थाना प्रभारी को नोटिस जारी कर 4 सप्ताह में जवाब मांगा और खदान से पानी निकालकर शव बरामद करने के निर्देश दिए।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद—

  • खदान से करीब 40 फीट गहराई तक पानी निकाला गया
  • लाखों गैलन पानी बाहर निकाला गया
  • इसके बाद ट्रिपर दिखाई दिया
  • SDRF की टीम ने ट्रिपर में फंसे अनिल कुशवाहा के क्षत-विक्षत शव को बाहर निकाला

परिवार और अधिकारी रहे मौजूद

शव निकलते समय मौके पर मृतक के परिजन, SECL के अधिकारी-कर्मचारी और प्रशासनिक अमला मौजूद रहा। 85 दिनों बाद शव मिलने से परिजनों को अंतिम संस्कार का अवसर मिल सका।

साभार… 

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

Display: मनरेगा बचाव संग्राम: जिला कांग्रेस का उपवास-धरना

तीन मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने किया प्रदर्शन Display: बैतूल। जिला कांग्रेस...

Digital Desk :मुर्गा लड़ाई से 1.53 करोड़ की जीत, असम में भैंसों की लड़ाई पर भी सवाल

Digital Desk :डिजिटल डेस्क। मकर संक्रांति और माघ बिहू के अवसर पर...

Contaminated water incident: पीड़ितों से मिलने इंदौर पहुंचे राहुल गांधी, परिजनों को दी आर्थिक सहायता

राहुल गांधी बोले– ‘गंदा पानी पीने से गई लोगों की जान, स्मार्ट...

Social media: भोपाल IPS मीट में DGP कैलाश मकवाना का अलग अंदाज, ‘गदर’ के गाने पर पत्नी संग थिरके

सांस्कृतिक संध्या में दिखी पुलिस परिवारों की रंगारंग प्रस्तुति, वीडियो सोशल मीडिया...