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Inauguration: पंचकर्म प्राचीन समय की सबसे श्रेष्ठ चिकित्सा पद्धति: हेमंत खंडेलवाल

पंचकर्म प्राचीन समय की सबसे श्रेष्ठ

जनमानस के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही पंचकर्म चिकित्सा पद्धति: डी.डी. उइके

सांसद, विधायक ने किया श्री प्रेम आयुर्वेद पंचकर्म चिकित्सालय का शुभारंभ

Inauguration: बैतूल। जिले के नागरिकों को अब आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा का अद्भुत संगम एक ही छत के नीचे मिलने जा रहा है। बैतूल के विकास नगर कालापाठा क्षेत्र में श्री प्रेम आयुर्वेद पंचकर्म चिकित्सालय (फिजियोथेरेपी एवं रिहैबिलिटेशन सेंटर) का भव्य शुभारंभ सोमवार को दोपहर 3:30 बजे सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, भाजपा जिला अध्यक्ष सुधाकर पवार, सांसद एवं राज्यमंत्री डी.डी. उइके, डॉ योगेश पंडाग्रे विधायक आमला, मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद बैतूल के उपाध्यक्ष मोहन नागर, नगर पालिका अध्यक्ष पार्वतीबाई बारस्कर की गरिमामयी उपस्थिति रही। चिकित्सालय के शुभारंभ अवसर पर डॉ. वैभव वैद्य, डॉ. विभूति वैद्य, डॉ. शिखा वैद्य, वैभव वैध, विनेन्द्र वैध, भाजपा मंडल अध्यक्ष विक्रम वैध ने अतिथियों का शाल और श्रीफल भेंट कर स्वागत किया।

फीता काटकर शुभारंभ करते हुए हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि पंचकर्म चिकित्सा शरीर को आंतरिक रूप से शुद्ध कर रोगों को जड़ से समाप्त करती है। यह चिकित्सा पद्धति भारतीय परंपरा की अमूल्य धरोहर है, आधुनिक जीवनशैली से उत्पन्न रोगों का स्थायी समाधान भी प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि वैद्य परिवार का यह प्रयास बैतूल स्वास्थ्य के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा।

कार्यक्रम में सांसद डी.डी. उइके ने पंचकर्म चिकित्सा के पौराणिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह भारतीय आयुर्वेद का वह भाग है, जिसे ऋषियों-मुनियों ने हजारों वर्षों पहले विकसित किया था। आज यह पद्धति आधुनिक विज्ञान के साथ मिलकर जनमानस के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है।

इस अवसर पर वैद्य परिवार के डॉ. वैभव वैद्य, डॉ. विभूति वैद्य और डॉ. शिखा वैद्य ने चिकित्सालय की सेवाओं की विस्तार से जानकारी दी। डॉ. वैभव वैद्य ने बताया कि पंचकर्म चिकित्सा के माध्यम से शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालकर रोगों का जड़ से इलाज किया जाता है। वीरेचन, वमन, बस्ती, नस्य, रक्तमोक्षण, शिरोधारा, अभ्यंग और पिंडस्वेद जैसी प्रमुख पंचकर्म विधियों का समुचित उपयोग यहां किया जाएगा।

डॉ. विभूति वैद्य ने कहा कि सामान्य आयुर्वेदिक चिकित्सा, पुरानी बीमारियों का प्रबंधन और पारंपरिक औषधीय उपचार इस संस्थान की पहचान बनेंगे। वहीं, फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. शिखा वैद्य ने बताया कि लकवे, स्नायु रोग, जोड़ों के दर्द और खेलों से जुड़ी चोटों के लिए चिकित्सालय में फिजियोथेरेपी एवं रिहैबिलिटेशन की अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

कार्यक्रम के दौरान वैद्य परिवार को जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए समर्पित कार्यों हेतु आमजन और अतिथियों द्वारा सराहा गया। यह चिकित्सालय तीन मंजिला भवन में पूर्णतः वातानुकूलित, आधुनिक उपकरणों से युक्त और अनुभवी चिकित्सकों की देखरेख में संचालित होगा। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद के साथ अतिथियों ने चिकित्सालय परिसर का भ्रमण कर उपलब्ध सुविधाओं का अवलोकन किया।

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