लूट, चोरी और ठगी की वारदातों को अंजाम देने में बदनाम है ईरानी डेरा
Incidents: भोपाल(ई-न्यूज)। भोपाल के ईरानी डेरे में रहने वाले अली हसन और मो. अली ने अफसरों और पत्रकार बनकर लोगों को लूटा। ईरानी डेरा लूट, चोरी और ठगी की वारदातों के लिए बदनाम है। इसी डेरे के दो बदमाशों का इसी साल दिल्ली में एनकाउंटर हो चुका है। रविवार को पुलिस ईरानी डेरे के प्रमुख राजू ईरानी को पकडऩे अमन कॉलोनी पहुंची थी। उसने सागर जिले के एक सर्राफा कारोबारी को सीबीआई अधिकारी बनकर ठगा था। पुलिस पर हमले के बाद गिरफ्तार किए गए काला ईरानी ने भोपाल पुलिस की पूछताछ में सीबीआई अधिकारी और पत्रकार बनकर ठगी की वारदातें करने की बात स्वीकार की है। छापेमारी के दौरान उसके घर से पुलिस को एक न्यूज चैनल की माइक आईडी भी मिली है।
मुम्बई में बेचते थे लूटे मोबाइल
दुबई तक बेचते हैं झपटमारी के मोबाइल फोन 20 दिसंबर 2025 को हबीबगंज थाना इलाके में रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के पास बाइक सवार दो लुटेरों ने एक वेटरनरी डॉक्टर से मोबाइल फोन लूटा था। फरियादी डॉ. मोहित सिंह बघेल मूल रूप से भिंड के निवासी हैं। भागते समय लुटेरों की बाइक आगे जाकर एक वाहन से टकरा गई। दोनों लुटेरे घायल हो गए। राहगीरों ने उन्हें पकडक़र पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार दोनों लुटेरे- अली हसन (19) और मो. अली (19) ईरानी डेरे में ही रहते हैं। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे महंगे मोबाइल फोन लूटकर मुंबई भेजते हैं, जहां से उन्हें दुबई पहुंचा दिया जाता है।
गैंग के दो लोगों को दिल्ली पुलिस ने पकड़ा
इसी साल जुलाई महीने में दिल्ली पुलिस ने अमन कॉलोनी निवासी ईरानी गैंग के दो सदस्यों- मुर्तजा अली उर्फ दमार (38) और सिराज अली (40) को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था। पुलिस को उनके दिल्ली में छिपे होने की सूचना मिली थी, जिसके आधार पर इंद्रप्रस्थ पार्क के पास रात में घेराबंदी की गई। पुलिस को देखते ही आरोपियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपी गोली लगने से घायल हो गए थे। जांच में सामने आया कि दोनों के खिलाफ देश के कई राज्यों में हत्या के प्रयास, लूट, चोरी और ठगी जैसे संगीन अपराध दर्ज हैं। वे कई मामलों में फरार चल रहे थे। दिल्ली पुलिस ने दोनों के खिलाफ नया केस दर्ज किया था।
पुलिस पर मिर्च पाउडर फेंककर किया पथराव
ईरानी डेरे के 4 कुख्यात बदमाश साल 2020 में 9-10 नवंबर को वे सागर जिले के खुरई पहुंचे थे। यहां एक ज्वेलर्स शॉप में खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर रेड की बात कही और जरूरी दस्तावेज मांगे। दुकानदार को शक होने पर आरोपियों ने गन पॉइंट पर जेवरात से भरा बैग लूटा और फरार हो गए। सीसीटीवी फुटेज से उनकी पहचान- रिजवान हुसैन, गुलाम उर्फ काकड़ी, तकबीर अली और खैबर अली के रूप में गई। जांच में सामने आया कि वे भोपाल के ईरानी डेरे के निवासी हैं और राजू की गैंग के सदस्य हैं। इसके बाद खुरई पुलिस उनकी तलाश में भोपाल पहुंची। छोला और निशातपुरा पुलिस के साथ अमन कॉलोनी में तडक़े दबिश दी और दोनों संदिग्धों को हिरासत में ले लिया। लेकिन बदमाशों को ले जाते समय ईरानी डेरे के लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। इनमें से कुछ लोगों ने पुलिस पर मिर्च पाउडर फेंक दिया, फिर पथराव होने लगा। हालात बिगडऩे पर पुलिस को हवाई फायरिंग करनी पड़ी। पत्थर लगने से 12 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। पुलिस को आरोपियों को गिरफ्तार किए बिना ही भागना पड़ा था। साभार…
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