Friday , 23 January 2026
Home Uncategorized Major accident: हावड़ा-कालका मेल की चपेट में आने से छह श्रद्धालुओं की मौत
Uncategorized

Major accident: हावड़ा-कालका मेल की चपेट में आने से छह श्रद्धालुओं की मौत

हावड़ा-कालका मेल

Major accident: मिर्जापुर। कार्तिक पूर्णिमा स्नान के लिए निकले श्रद्धालुओं के लिए बुधवार सुबह मौत बनकर आई ट्रेन। मिर्जापुर के चुनार रेलवे स्टेशन पर रेल लाइन पार करते समय हावड़ा-कालका मेल की चपेट में आने से छह लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर पहुंची जीआरपी और आरपीएफ ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और जांच शुरू की।

पुल छोड़कर ट्रैक पार कर रहे थे श्रद्धालु

जानकारी के अनुसार, कार्तिक पूर्णिमा पर स्नान के लिए श्रद्धालु गोमो-प्रयागराज बरवाडीह पैसेंजर ट्रेन से सुबह करीब नौ बजे प्लेटफॉर्म नंबर चार पर उतरे थे। उन्हें प्लेटफॉर्म नंबर तीन पर जाना था, लेकिन उन्होंने फुट ओवरब्रिज का उपयोग नहीं किया और सीधे रेल लाइन पार करने लगे।
इसी दौरान हावड़ा-कालका मेल (नेताजी एक्सप्रेस) तेज रफ्तार से मेन लाइन से गुजरी और श्रद्धालु उसकी चपेट में आ गए। टक्कर इतनी भीषण थी कि छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

मृतकों की पहचान

हादसे में जिन श्रद्धालुओं की मौत हुई है, उनकी पहचान इस प्रकार हुई —

  • सविता देवी पत्नी राजकुमार निवासी राजगढ़, मिर्जापुर
  • साधना देवी पत्नी विजय शंकर निवासी राजगढ़, मिर्जापुर
  • शिव कुमारी पत्नी विजय कुमार निवासी कमरिया, राजगढ़, मिर्जापुर
  • अंजू देवी पत्नी श्याम प्रसाद निवासी पड़री, मिर्जापुर
  • सुशीला देवी पत्नी मोतीलाल निवासी पड़री, मिर्जापुर
  • कलावती देवी पत्नी जनार्दन यादव निवासी बसवा कर्मा, सोनभद्र

रेलवे का बयान

एएनआई के अनुसार, भारतीय रेलवे ने बताया कि ट्रेन नंबर 13309 चोपन-प्रयागराज एक्सप्रेस चुनार स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 4 पर थी। कुछ यात्री गलत दिशा से उतरकर मेन लाइन पार कर रहे थे, जबकि वहां फुट ओवरब्रिज मौजूद था। उसी समय ट्रेन नंबर 12311 नेताजी एक्सप्रेस मेन लाइन से गुजरी और यह हादसा हो गया।

स्टेशन पर मचा हड़कंप

हादसे के बाद स्टेशन पर यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। स्थानीय प्रशासन और रेलवे अधिकारी मौके पर पहुंचे। मृतकों के परिजनों को सूचना दे दी गई है।

रेलवे ने अपील की है कि यात्रियों को किसी भी परिस्थिति में ट्रैक पार नहीं करना चाहिए और फुट ओवरब्रिज या सबवे का ही उपयोग करें, ताकि इस तरह की दर्दनाक घटनाओं से बचा जा सके।

साभार… 

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

Events: छात्रों और शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण है आज का दिन: नेहा गर्ग

सरस्वती विद्या मंदिर गाड़ाघाट में हुआ माँ सरस्वती का हवन-पूजन Events: बैतूल।...

Mysterious: महाभारत का रहस्यमय ‘18’: क्या यह सिर्फ संयोग है या गहरा आध्यात्मिक संकेत?

Mysterious: धर्म डेस्क। महाभारत केवल दुनिया का सबसे विशाल महाकाव्य नहीं, बल्कि...

Social media: सरकार बच्चों को सोशल मीडिया से बचाने पर विचार कर रही

ऑस्ट्रेलिया मॉडल पर कानून की तैयारी Social media: डिजिटल डेस्क। सोशल मीडिया...