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Monsoon: देश में मानसून की धमाकेदार एंट्री: 14 राज्यों में बारिश

देश में मानसून की धमाकेदार

Monsoon: नई दिल्ली | देश में मानसून की दस्तक को आज पाँचवां दिन हो गया है और पहले ही हफ्ते में बारिश ने कई राज्यों में रिकॉर्ड बना दिए हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 14 राज्यों में लगातार बारिश हो रही है, जिनमें मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और जम्मू-कश्मीर प्रमुख हैं।

🌧️ छत्तीसगढ़ में 5 दिन में 2840 मिमी बारिश

छत्तीसगढ़ में पिछले पांच दिनों में 2840 मिलीमीटर (करीब 111 इंच) बारिश दर्ज की गई है, जो कि सामान्य मई महीने की बारिश (430-450 मिमी) से 6 गुना अधिक है। यह आँकड़ा राज्य के कई क्षेत्रों में जलभराव और फसलों के नुकसान का कारण बन सकता है।

❄️ कश्मीर में ओले, ओडिशा में मानसून की दस्तक आज

जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में मंगलवार को तेज बारिश के साथ कई क्षेत्रों में ओलावृष्टि हुई। वहीं, पूर्वी भारत में ओडिशा में आज मानसून के पहुंचने की संभावना है। राज्य सरकार ने जिला प्रशासन को अलर्ट पर रखा है और भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की गई है।

⚠️ मध्य प्रदेश और राजस्थान में तूफान-बारिश का अलर्ट

  • मध्य प्रदेश: मंगलवार को 15 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई। भोपाल, इंदौर और उज्जैन समेत 40 जिलों में तेज आंधी और बारिश की चेतावनी आज भी जारी है।
  • राजस्थान: बाड़मेर, जैसलमेर और फलोदी में तापमान 45°C से ऊपर दर्ज किया गया। सात जिलों में हीटवेव, जबकि 15 जिलों में आंधी-बारिश का येलो अलर्ट जारी है।

IMD का अनुमान: इस बार 106% औसत मानसूनी वर्षा

मौसम विभाग के मुताबिक, जून से सितंबर के बीच भारत में 106% तक औसत वर्षा होने का अनुमान है। इससे पहले अप्रैल में अनुमान 105% था। जून महीने में ही 108% बारिश होने की संभावना जताई गई है।

📍 कहाँ होगी ज्यादा बारिश, कहाँ कम?

  • अधिक वर्षा की संभावना: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, ओडिशा
  • कम वर्षा की संभावना: बिहार, झारखंड, पंजाब, हरियाणा, केरल और तमिलनाडु के कुछ हिस्से
  • उत्तर-पश्चिम भारत: सामान्य वर्षा
  • पूर्वोत्तर भारत: सामान्य से कम वर्षा

🌾 कृषि क्षेत्र के लिए राहत

मानसून का कोर ज़ोन — मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और ओडिशा — देश की कृषि व्यवस्था की रीढ़ है। यहाँ की वर्षा खरीफ फसलों के लिए जीवनरेखा मानी जाती है। अच्छी बारिश की संभावना से धान, सोयाबीन, मक्का और दालों की खेती को बड़ा लाभ मिल सकता है।

साभार… 

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