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Naming: मेडिकल कालेज बनने के पहले ही नामकरण की लड़ाई शुरू

मेडिकल कालेज बनने के पहले ही

जीडी खण्डेलवाल, माँ ताप्ती, बिरसा मुंडा, काला तीतर के नाम चर्चा में

Naming: बैतूल। शहर बसा नहीं और….तैयार हो गए कहावत मेडिकल कालेज के नामकरण पर चरितार्थ हो रही है क्योंकि अभी भवन बना ही नहीं है और लोकार्पण भी नहीं हुआ लेकिन नामकरण की लड़ाई अभी से शुरू हो गई है। लंबे समय से जिस मेडिकल कालेज को लेकर राजनीति गर्मायी हुई थी उसके निर्माण को लेकर गत दिनों केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिलान्यास किया। बैतूल विधायक एवं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने गत दिनों पत्रकार वार्ता में बताया था कि तीन वर्षों में मेडिकल कालेज बनकर तैयार हो जाएगा। अभी निर्माण की नींव भी नहीं रखाई है लेकिन अभी से कुछ अति उत्साही मेडिकल कालेज के नामकरण को लेकर अपनी आवाज सोशल मीडिया पर बुलंद करने लगे हैं। इतना ही इन लोगों द्वारा सुझाए जाने वाले नामों पर उनके फेसबुक फ्रेंड भी मोहर लगा रहे हैं।


जीडी खण्डेलवाल के नाम से हो मेडिकल कालेज


सबसे पहले सोशल मीडिया पर मुलताई के तपन खण्डेलवाल ने 20 दिसम्बर को सोशल मीडिया पर यह लिखा कि बैतूल जिले में बनने वाले मेडिकल कालेज के लिए शासन का धन्यवाद, इस कालेज का नाम जिले के पहले जनसंघ के मंत्री रहे युग पुरूष स्व. श्री जीडी खण्डेलवाल के नाम पर हो। तपन खण्डेलवाल की इस पोस्ट पर लोगों ने अपनी-अपनी राय भी व्यक्त करना शुरू कर दी। प्रवीण शर्मा लिख रहे हंै कि बिल्कुल सही कहा आदरणीय जीडी खण्डेलवाल ने ही वृक्ष लगाए थे जो आज सबको छाया दे रहा है।


आदिवासी सेनानी के नाम से हो कालेज


भाजपा नेता एवं सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वाले अंशुमन अशोक बचले ने अपनी कमेंट में लिखा कि हमारा आदिवासी जिला है तो क्यों ना टंट्या भील मेडिकल कालेज या भगवान बिरसा मुंडा कालेज या सरदार विष्णु सिंह गोंड मेडिकल कालेज या फिर डॉ. बीआर अंबेडकर मेडिकल कालेज हो। अंशुमन आगे यह भी लिख रहे हैं कि आदिवासियों में सबसे लोकप्रिय जन नेता श्री जीडी खण्डेलवाल रहे हैं। जिनके पास गैर आदिवासी होने के बाजवूद आदिवासी मंत्रालय था।


माँ ताप्ती के नाम से कालेज की मांग


एक फेसबुक यूजर महेश अग्रवाल ने अपनी बात रखते हुए लिखा कि माँ ताप्ती मेडिकल कालेज नाम होना चाहिए। जिसका सौरभ दुबे ने भी समर्थन किया। शेषराव साहू ने कहा कि यही होना चाहिए। प्रियेश धोटे का भी कहना है कि सूर्यपुत्री माँ ताप्ती के नाम पर होना चाहिए। राहुल प्रजापति भी इसी पक्ष में है। उनसे तो इसका शार्ट फार्म भी बना दिया है एमटीएम कालेज मतलब माँ ताप्ती मेडिकल कालेज। मनमोहन पंवार तो मुलतापी मेडिकल कालेज नाम करवाना चाह रहे हैं। वहीं जितेंद्र भरतिया का कहना है कि माँ ताप्ती के अलावा कोई नाम नहीं होना चाहिए। अजेंद्र सिंह परिहार भी इसी नाम के पक्ष में है।


शिवाजी मेडिकल कालेज हो नाम


इसी कड़ी में बंटी आरसे का मानना है कि शिवाजी महाराज के नाम से यह मेडिकल कालेज होना चाहिए, कोई जातिवाद नहीं चलेगा। एक फेसबुक यूजर श्याम ढवले ने पते की बात लिखी कि उनका कहना है कि पहले बनने तो दो फिर नाम बाद में रख लेना।


काला तीतर पर भी पहुंचे यूजर


जैसे-जैसे दिन बढ़ रहे हैं फेसबुक पर मेडिकल कालेज के नामकरण के लिए नए-नए नाम सामने आ रहे हैं। वरिष्ठ पत्रकार सत्येंद्र परिहार ने तो एक कदम आगे बढ़कर इस नामकरण के खेल में और अधिक रंग भरते हुए लिखा है कि सब नाम छोड़ो और मेडिकल कालेज का नाम काला तीतर रख दो।


प्रेस विज्ञप्तियों में भी नामकरण की मांग शुरू


जिले में खुलने जा रहे मेडिकल कॉलेज की नींव रखे जाने से पहले ही उसके नाम को लेकर एक भावनात्मक और सांस्कृतिक मांग जोर पकड़ने लगी है। जिले के नागरिकों और धार्मिक चेतना से जुड़े लोगों का कहना है कि इस मेडिकल कॉलेज का नाम मां ताप्ती मेडिकल कॉलेज होना चाहिए। गोलू उघड़े का तर्क है कि यह केवल नामकरण का विषय नहीं, क्षेत्र की आस्था, पहचान और ऐतिहासिक विरासत से जुड़ा प्रश्न है।

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