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NPS: छोटी बचत से बड़ी पेंशन तक का सफर, जानिए कौन है पात्र और क्या हैं इसके फायदे

छोटी बचत से बड़ी पेंशन तक का सफर

NPS:नई दिल्ली। नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) सेवानिवृत्ति के बाद वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार की एक स्वैच्छिक पेंशन योजना है। यह योजना हर व्यक्ति को छोटी-छोटी बचतों से रिटायरमेंट के लिए एक मजबूत कोष तैयार करने में मदद करती है। एनपीएस में नियमित निवेश करने से न केवल बचत की आदत बनती है, बल्कि भविष्य में स्थिर पेंशन भी सुनिश्चित होती है।

पात्रता

18 से 70 वर्ष तक का कोई भी भारतीय नागरिक एनपीएस में शामिल हो सकता है। योजना के तहत प्रत्येक वर्ष कम से कम 1,000 रुपये जमा करना अनिवार्य है। 60 वर्ष की आयु या रिटायरमेंट के समय निवेशक अपने फंड का 60% हिस्सा टैक्स-फ्री निकाल सकते हैं, जबकि शेष 40% राशि एन्युटी स्कीम में निवेश करनी होती है, जिससे जीवनभर पेंशन मिलती रहती है। मृत्यु की स्थिति में यह राशि नॉमिनी को हस्तांतरित कर दी जाती है।

कर लाभ

पुरानी आयकर प्रणाली में निवेशक एनपीएस में निवेश पर अधिकतम ₹2 लाख तक का टैक्स लाभ पा सकते हैं। यह लाभ आयकर अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत उपलब्ध है। हालांकि नई टैक्स व्यवस्था में इसका प्रभाव अपेक्षाकृत कम है।

रिटर्न और परफॉरमेंस

एनपीएस में ब्याज दर निश्चित नहीं होती, क्योंकि इसका रिटर्न बाज़ार प्रदर्शन पर आधारित होता है। पिछले पांच वर्षों में विभिन्न पेंशन फंड्स ने इक्विटी निवेश पर 16.92% से 19% तक का औसत रिटर्न दिया है।

पेंशन राशि कैसे तय होती है

रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली पेंशन आपकी कुल निवेश राशि, चुनी गई एसेट क्लास और निवेश की अवधि पर निर्भर करती है।

एसेट क्लास क्या है

एनपीएस में खाता खोलते समय निवेशक अपनी जोखिम क्षमता के अनुसार इक्विटी, डेब्ट, बॉन्ड या ऑटो-एलोकेशन का विकल्प चुन सकते हैं। ऑटो-एलोकेशन में निवेश का अनुपात आयु के आधार पर स्वतः समायोजित होता है — उम्र बढ़ने पर इक्विटी का अनुपात घटता है और डेब्ट/बॉन्ड का बढ़ता है।

महिलाओं के लिए एनपीएस क्यों खास

एनपीएस महिलाओं के लिए विशेष रूप से उपयोगी है क्योंकि—

  • निवेश प्रक्रिया सरल और सुरक्षित है।
  • फंड मैनेजर बाजार की निगरानी करते हैं, जिससे निवेशक को विशेषज्ञ प्रबंधन मिलता है।
  • संचालन लागत कम होने से रिटर्न अपेक्षाकृत अधिक होता है।
  • यदि कुछ वर्षों तक निवेश न भी हो पाए, तो खाता पुनः सक्रिय किया जा सकता है।
  • 3 साल नियमित अंशदान के बाद पढ़ाई, विवाह, घर खरीदने या इलाज के लिए प्री-मैच्योर विदड्रॉल की अनुमति मिलती है।

कहां और कैसे खोलें खाता

एनपीएस खाता किसी भी अधिकृत बैंक, CAMs, KFintech, Protean या पेंशन फंड्स की वेबसाइट पर ऑनलाइन या ऑफलाइन खोला जा सकता है। इसके लिए KYC दस्तावेज़ आवश्यक हैं, जिन्हें DigiLocker के माध्यम से भी जमा किया जा सकता है।

साभार… 

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