Program: भोपाल। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) अपने शताब्दी वर्ष के अवसर पर नए साल में भोपाल में चार बड़े कार्यक्रम आयोजित करने जा रहा है। इन आयोजनों में आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत स्वयं उपस्थित रहकर समाज के विभिन्न वर्गों को संबोधित करेंगे।
2 और 3 जनवरी को प्रस्तावित इन कार्यक्रमों के माध्यम से संघ अपने 100 वर्ष पूर्ण होने के बाद भविष्य की दिशा, भूमिका और दायित्वों को समाज के सामने स्पष्ट करेगा।
2 जनवरी को होगा युवा संवाद
कार्यक्रमों की शुरुआत 2 जनवरी को होगी। इस दिन युवा संवाद और प्रमुख जन-गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। युवा संवाद में भारत को वैश्विक स्तर पर संगठित, सशक्त और समर्थ राष्ट्र के रूप में स्थापित करने में युवाओं की भूमिका पर विशेष रूप से विचार रखे जाएंगे। संघ का मानना है कि युवा शक्ति ही राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी ताकत है।
3 जनवरी को सामाजिक सद्भाव और महिला संवाद
3 जनवरी को सामाजिक सद्भाव सम्मेलन और शक्ति (महिला संवाद) कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन आयोजनों में समाज में समरसता, सहयोग और महिलाओं की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
समाज की सज्जन शक्ति को जोड़ने का संकल्प
शताब्दी वर्ष के अवसर पर आरएसएस ने समाज की सज्जन शक्ति को साथ लेकर दुनिया के सामने आदर्श प्रस्तुत करने वाले संगठित, सशक्त और समर्थ भारत के निर्माण का संकल्प लिया है। इसी उद्देश्य को साकार करने के लिए देशभर के प्रमुख शहरों में समाज के प्रतिष्ठित और प्रभावशाली लोगों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि यह संकल्प जन-जन की सहभागिता से पूरा हो सके।
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