Relief: कच्छ। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। भारतीय जहाज शिवालिक 40,000 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर मुंद्रा बंदरगाह पर सुरक्षित पहुंच गया है। यह जहाज संवेदनशील होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर भारत पहुंचा, जो वैश्विक तेल आपूर्ति का अहम मार्ग माना जाता है।
🚢 एक और जहाज ‘नंदा देवी’ भी पहुंचने वाला
पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अनुसार:
- नंदा देवी नामक एक और भारतीय जहाज जल्द भारत पहुंचेगा
- पोर्ट पर पहले से ही प्रायोरिटी बर्थिंग और डॉक्यूमेंटेशन की तैयारी कर ली गई है
🛢️ कच्चा तेल लेकर आ रहा ‘जग लाडकी’
- जग लाडकी यूएई से 81,000 टन कच्चा तेल लेकर भारत की ओर बढ़ रहा है
- फारस की खाड़ी क्षेत्र में सभी भारतीय नाविक सुरक्षित बताए गए हैं
- फिलहाल वहां 22 भारतीय जहाजों में 611 नाविक सवार हैं
🌍 भारत की कूटनीतिक पहल रंग ला रही
एस जयशंकर ने कहा कि:
- ईरान के साथ सीधी बातचीत से समाधान निकल रहा है
- भारत “टकराव” के बजाय “संवाद और तालमेल” की नीति पर काम कर रहा है
- जहाजों की आवाजाही फिलहाल केस-बाय-केस आधार पर हो रही है
👉 भारत की यह रणनीति अब व्यावहारिक रूप से सफल होती दिख रही है
⚠️ होर्मुज जलडमरूमध्य पर तनाव बरकरार
- फारस की खाड़ी क्षेत्र में हालात अब भी संवेदनशील
- ईरान ने संकेत दिया है कि यह मार्ग दुश्मनों के लिए बंद हो सकता है
- अमेरिका और इजराइल के साथ जारी संघर्ष से स्थिति जटिल बनी हुई है
📊 क्यों अहम है यह मार्ग?
- होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया के लगभग 20% तेल व्यापार का आवागमन होता है
- इस मार्ग में बाधा का असर सीधे भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ सकता है
- साभार…
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