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Shoddy work: उपयोग विहीन खड़े लाखों की लागत से बने शासकीय भवन

उपयोग विहीन खड़े लाखों की लागत

ठेकेदारों ने किया घटिया कार्य, शासकीय राशि का हुआ जमकर दुरूपयोग

Shoddy work: मुलताई। शासन द्वारा मुलताई सहित आसपास के क्षेत्र में लाखों की लागत से शासकीय भवनों का निर्माण किया गया है लेकिन निर्माण के बाद से ही भवनों का कोई उपयोग नही करने से धीरे धीरे भवन क्षतिग्रस्त होने लगे हैं। स्थिति यह है कि निर्माण के बाद से ही भवनों में ताले लटके हुए हैं जिससे यह सीधे सीधे शासकीय राशि का दुरूपयोग लग रहा है। यहां सवाल यह उठता है कि जब भवन निर्माण का कोई औचित्य नही था तो भवनों का निर्माण क्यों किया गया। जब भवनों का निर्माण किया गया है तो उसका उपयोग क्यों नही किया जा रहा। ऐसी स्थिति में यह साफ है कि भवनों का निर्माण सिर्फ ठेकदारों को लाभपहुंचाने के लिए किया गया है तथा कमोबेश हर भवन निर्माण में ठेकेदारों की शिकायत भी की गई है। लेकिन ठेकदारों द्वारा भवनों के निर्माण की जैसे तैसे औपचारिकता पूर्ण कर वे फुर्र हो गए और भवन बिना किसी उपयोग के जर्जर हो रहे हैं।


मिनी स्टेडियम में बने भवन में नहीं ठहरे खिलाड़ी


नगर में लाखों की लागत से उत्कृष्ट विद्यालय मैदान मिनी स्टेडियम के एक ओर खिलाडिय़ों के ठहरने के लिए भवन का निर्माण किया गया। लेकिन निर्माण के कई वर्ष बाद भी उक्त भवन में कभी खिलाड़ी नही ठहरे। भवन का उपयोग कभी अन्य भवनों के निर्माण के लिए आए मजदूरों को रूकवाने के लिए किया गया तो कभी रैन बसेरा के रूप में नगर पालिका द्वारा किया गया। इसके अलावा उक्त भवन में दीनदयाल रसोई भी चलाई जा रही है जबकि भवन का निर्माण खिलाडिय़ों के ठहरने के लिए किया गया था। वर्तमान में भवन की स्थिति धीरे धीरे जर्जर होती जा रही है लेकिन भवन कभी जिस उद्देश्य के लिए बनाया गया उसे पूरा नही कर सका।


कृषि उपज खरीदी केन्द्र में नही हो सकी खरीदी


प्रभात पट्टन मार्ग पर ग्राम नरखेड़ के पूर्व शासन द्वारा एक बड़े परिसर में कृषि उपज खरीदी केन्द्र बनाया गया ताकि वहां किसानों से उपज की खरीदी की जा सके। लेकिन वर्षों पूर्व निर्माण हुए भवन पर आज तक ताल लटका हुआ है तथा उक्त भवन में कभी कृषि उपज की खरीदी नही हो सकी। लाखों की लागत से निर्मित उक्त भवन में दो बड़े भवन, खरीदी के लिए टीन शेड सहित पांच दुकानों का निर्माण किया गया लेकिन स्थिति यह है कि अब भवन खंडहर में तब्दील होते हुए नजर आ रहा है इसके बावजूद शासन प्रशासन द्वारा उक्त भवन पर ध्यान नही दिया जा रहा है।


संजीवनी क्लिनिक पर लटका है ताला


इधर नगर के गांधी वार्ड में स्थिति लंबे समय बाद बनकर तैयार हुए संजीवनी क्लिनिक के भवन का लोकार्पण जनप्रतिनिधियों के द्वारा कर दिया गया लेकिन उसके बाद से ही भवन में ताला लटका हुआ है। बताया जा रहा है कि नगर पालिका द्वारा निर्मित भवन को अभी तक स्वास्थ्य विभाग द्वारा नही लिया गया है। ऐसी स्थिति में कब भवन को हेंड ओवर किया जाएगा और कब संजीवनी क्लिनिक चालू होगा इसे लेकर संशय बना हुआ है। क्योंकि जब नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में चिकित्सकों का टोटा बना हुआ है तो एक वार्ड में स्थित क्लिनिक में शासन द्वारा कैसे चिकित्सक नियुक्त किया जाएगा इसे लेकर की खाल खड़े हो रहे हैं और फिलहाल भवन औचित्य हीन नजर आ रहा है।

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