Strict instructions: जम्मू। मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने बुधवार को श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड (SASB) की 15वीं उच्च स्तरीय समिति (HLC) की बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने सभी संबंधित विभागों और हितधारकों को निर्देश दिए कि यात्रा शुरू होने से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह दुरुस्त कर ली जाएं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की परेशानी न हो।
मुख्य सचिव ने कहा कि बिजली, पानी, स्वास्थ्य सेवाएं, शौचालय, संचार व्यवस्था, राशन आपूर्ति, अग्निशमन, आश्रय स्थल, हेलीपैड और मोबाइल कनेक्टिविटी जैसी सभी मूलभूत सुविधाओं की पहले से जांच कर ली जाए।
संवेदनशील क्षेत्रों में तंबू लगाने पर रोक
उन्होंने अनंतनाग और गांदरबल के संभागीय प्रशासनों व उपायुक्तों को निर्देश दिए कि बालटाल और पहलगाम मार्गों पर स्थित सभी आपदा संभावित और संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान की जाए। ऐसे उच्च जोखिम वाले इलाकों में तंबू या अस्थायी ढांचे सहित कोई भी सुविधा स्थापित न की जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति से बचा जा सके।
आपदा प्रबंधन और विभागों को विशेष निर्देश
मुख्य सचिव ने आपदा प्रबंधन, राहत, पुनर्वास एवं पुनर्निर्माण विभाग को श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
साथ ही विद्युत लाइनों के रखरखाव, यातायात प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाएं, एफसीएस एंड सीए, परिवहन, सूचना एवं आईटी, वन विभाग, बीएसएनएल समेत अन्य विभागों की तैयारियों की समीक्षा कर बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल वैध स्वास्थ्य प्रमाण पत्र रखने वाले और RFID पंजीकृत श्रद्धालुओं को ही यात्रा की अनुमति दी जाएगी।
एसएएसबी ने रखी तैयारियों की रूपरेखा
बैठक में एसएएसबी के सीईओ डॉ. मनदीप कुमार भंडारी ने पिछले वर्ष की व्यवस्थाओं का विवरण प्रस्तुत किया और आगामी यात्रा के लिए जरूरी तैयारियों की रूपरेखा बताई।
मंडल प्रशासन ने मुख्य सचिव को आश्वस्त किया कि सभी चिन्हित स्थानों पर पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे, ताकि अमरनाथ यात्रा सुरक्षित और सुचारु रूप से संपन्न हो सके।
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