Trend: सोने-चांदी की कीमतों में जारी उतार-चढ़ाव का असर अब सीधे देश के सर्राफा बाजार पर दिखने लगा है। रिकॉर्ड ऊंचे दामों ने जहां ग्राहकों का बजट बिगाड़ा है, वहीं उनकी पसंद भी बदल दी है। भारी और पारंपरिक गहनों की जगह अब लोग हल्के डिजाइन और कम कैरेट की ज्वेलरी खरीदना ज्यादा पसंद कर रहे हैं।
मांग में 25–28% तक गिरावट
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के उत्तर भारत प्रमुख एवं यूपी अध्यक्ष अनुराग रस्तोगी के मुताबिक, सोने की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर होने से बाजार में मांग 25 से 28 प्रतिशत तक घट गई है।
फिलहाल बाजार में केवल 5–10 प्रतिशत तक ही खरीदारी हो रही है और अधिकांश ग्राहक पुरानी ज्वेलरी को रि-साइकल कराकर काम चला रहे हैं।
उन्होंने बताया कि पिछले 15–20 दिनों तक बाजार लगभग ठप रहा। बाजार में वही लोग नजर आ रहे हैं, जिनकी शादी या अन्य जरूरी जरूरतें हैं। सोने-चांदी के बजाय इस समय बुलियन कारोबारी ज्यादा सक्रिय हैं।
ग्राहक अब कम कैरेट की ओर
महंगे सोने के चलते लोग अब 22 कैरेट छोड़कर 18, 14 और 9 कैरेट के गहनों की तरफ बढ़ रहे हैं।
पहले जहां 92% शुद्धता वाला सोना पसंद किया जाता था, अब ग्राहक बजट में रहने के लिए कम कैरेट और हल्के वजन के गहने ले रहे हैं।
लाइटवेट ज्वेलरी की बढ़ती मांग
गोरखपुर स्थित परंपरा जेम्स एंड ज्वेलर्स के डायरेक्टर संजय अग्रवाल के मुताबिक, ग्राहक अब कम वजन में आकर्षक और हैवी लुक वाली ज्वेलरी चाहते हैं।
वहीं बरनवाल ज्वेलर्स के डायरेक्टर धीरज बरनवाल कहते हैं कि बाजार की बिक्री घटकर करीब 25 प्रतिशत पर आ गई है और ज्यादातर ग्राहक सिर्फ हल्की ज्वेलरी ही खरीद रहे हैं।
सोना अभी भी सुरक्षित निवेश
ऑल इंडिया ज्वेलरी एंड गोल्ड स्मिथ फेडरेशन के प्रदेश संयोजक विनोद महेश्वरी का कहना है कि वैश्विक हालात और रूस-यूक्रेन जैसे भू-राजनीतिक घटनाक्रमों का असर बाजार पर पड़ रहा है।
उन्होंने अनुमान जताया कि आने वाले समय में सोने के भाव में करीब 15 प्रतिशत तक तेजी आ सकती है।
डिजिटल गोल्ड की ओर युवाओं का रुझान
अनुराग रस्तोगी बताते हैं कि युवा वर्ग अब फिजिकल गोल्ड से ज्यादा डिजिटल गोल्ड और सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड को तरजीह दे रहा है, ताकि मेकिंग चार्ज और स्टोरेज की झंझट से बचा जा सके।
2030 तक 1.68 लाख रुपये तक जा सकता है सोना
विघ्नहर्ता गोल्ड के चेयरमैन महेंद्र लुनिया के अनुसार, 2030 तक सोना ₹1.68 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है।
शादी के सीजन से उम्मीदें
लखनऊ महानगर सर्राफा एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष कुमार वर्मा का कहना है कि शादी के सीजन के चलते सोने-चांदी की मांग बनी हुई है, हालांकि ग्राहक अब वजन कम और सोच-समझकर खरीदारी कर रहे हैं।
कुल मिलाकर, महंगे दामों ने ज्वेलरी बाजार का चेहरा बदल दिया है — भारी गहनों की जगह अब लाइटवेट, कम कैरेट और डिजिटल गोल्ड नए ट्रेंड बनते जा रहे हैं।
साभार…
Leave a comment