एआई आधारित रिमोट फिजियो डिवाइस
Innovation: इंदौर। अब फिजियोथेरेपी के लिए रोज़ाना क्लीनिक जाने की जरूरत कम हो सकती है। भोपाल के फिजियोथेरेपिस्ट आनंद सिंह ने अपने स्टार्टअप रिमोट फिजियो में एआई विशेषज्ञों के सहयोग से एक ऐसी एआई आधारित फिजियोथेरेपी डिवाइस तैयार की है, जिससे ऑनलाइन जुड़े फिजियोथेरेपिस्ट मरीजों को घर बैठे उपचार दे सकते हैं।
ग्रामीण और बुजुर्गों के लिए बड़ी सुविधा
यह तकनीक विशेष रूप से दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों, बुजुर्गों और चलने-फिरने में असमर्थ मरीजों के लिए बेहद उपयोगी साबित होने वाली है।
इसे एमपी टेक ग्रोथ कांक्लेव-2 (इंदौर, ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर) में प्रदर्शित किया गया, जहां बताया गया कि
👉 150 से अधिक चिकित्सक इस डिवाइस का उपयोग कर रहे हैं।
👉 इस इनोवेशन को IIT मंडी और बिरला प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान संस्थान (BITS) से वित्तीय सहायता मिली है।
पारंपरिक फिजियोथेरेपी से 70% तक सस्ती
डिवाइस में लगी एआई तकनीक मरीज की स्थिति के अनुसार
✔ उपयुक्त एक्सरसाइज
✔ आवश्यक उपचार प्रक्रिया
खुद तय करती है।
यह तरीका पारंपरिक फिजियोथेरेपी की तुलना में लगभग 70% सस्ता है, जिससे डॉक्टर एक दिन में ज्यादा मरीज देख सकते हैं।
यह तकनीक विशेष रूप से इन मरीजों के लिए लाभकारी रहेगी—
- सर्जरी के बाद रिहैब वाली स्थिति
- लकवाग्रस्त व्यक्ति
- मांसपेशियों के दर्द से पीड़ित मरीज
तीन प्रमुख रिमोट कंट्रोल यूनिट
1️⃣ दर्द दूर करने के लिए
मशीन माइक्रो करंट देती है, जिससे जोड़ों और शरीर के अन्य हिस्सों के दर्द में राहत मिलती है।
2️⃣ मसल रिपेयर यूनिट
यह मांसपेशियों की मरम्मत कर
- दर्द कम करती है
- थकान दूर करती है
- मसल की कार्यक्षमता बढ़ाती है
3️⃣ पेल्विक स्ट्रेंथ यूनिट
टाइट हो चुकी मांसपेशियों को रिलैक्स कर
उन्हें सामान्य व लचीली स्थिति में लाती है।
ईएमजी (EMG) सुविधा भी उपलब्ध
यह फीचर मांसपेशियों की ताकत को मापता है और इलाज की प्रगति का डेटा भी रिकॉर्ड करता है। इससे डॉक्टर मरीज की रिकवरी को वैज्ञानिक तरीके से ट्रैक कर सकते हैं।
साभार…
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