पीड़ित दम्पत्ति ने कलेक्टर-एसपी को सौंपा ज्ञापन
Boycott: बैतूल। अंतरजातीय विवाह करने पर पति की जाति के लोगों ने सामाजिक बहिष्कार कर दिया है, ऐसा आरोप पीड़िता ने लगाया है और आज जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी एवं एसपी बैतूल को ज्ञापन सौंपकर कार्यवाही की मांग की है। आरोप है कि अंतरजातीय विवाह को लेकर दलित महिला को जातिगत अपमान, मानसिक प्रताड़ना और बहिष्कार का सामना करना पड़ रहा है।
बैतूल के शाहपुर थाना क्षेत्र के ग्राम भयावाड़ी निवासी खुशबु चौरे ने कलेक्टर को आवेदन देकर बताया कि वह मेहरा समाज से हैं और उन्होंने करीब छह वर्ष पूर्व प्रदीप चौरे (जाति कुर्मी) से अंतरजातीय विवाह किया था। विवाह के बाद से ही गांव के कुछ लोगों द्वारा उन्हें जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया जाने लगा था।
पीड़िता का आरोप है कि उन्हें जातिगत उत्पीड़न और धमकियों के चलते वह आज तक अपने ससुराल में परिवार सहित नहीं रह सकी हैं। मजबूरन उन्हें अपने पति के साथ भौरा में निवास करना पड़ रहा है।
आरोप है कि अनावेदकगणों ने उनके परिजनों को डराया-धमकाया, जिससे पारिवारिक संबंधों पर भी असर पड़ा है।
आवेदन में यह भी आरोप लगाया है कि पीड़िता, उसके पति और बच्चे के साथ छुआछूत का व्यवहार किया जा रहा है। गांव में होने वाले सामाजिक, सांस्कृतिक एवं पारिवारिक आयोजनों से उन्हें पूरी तरह अलग कर दिया गया है। इतना ही नहीं, रिश्तेदारों पर भी दबाव बनाया गया कि वे पीड़िता और उसके परिवार को अपने घर न बुलाएं।
पीड़िता ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषियों के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि उन्हें न्याय मिल सके और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। आवेदन में पीड़िता ने नामजद शिकायत की है।
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