Season: नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली ने इस वर्ष पिछले पांच वर्षों का सबसे ठंडा गणतंत्र दिवस दर्ज किया। सोमवार को न्यूनतम तापमान 3.6 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जिससे कड़ाके की ठंड और शीतलहर ने लोगों को ठिठुरा दिया। इससे पहले 2021 में 26 जनवरी को न्यूनतम तापमान 2.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। अब इसी ठंड के बीच मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है और मंगलवार को दिल्ली-एनसीआर में मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है।
ठंड की वजह और बदला मौसम
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, तापमान में अचानक गिरावट का प्रमुख कारण आसमान का साफ रहना और उत्तर-पश्चिम दिशा से आने वाली बर्फीली हवाएं रहीं। हालांकि सोमवार दोपहर के बाद हवाओं की रफ्तार में कुछ कमी आई, क्योंकि नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होकर दिल्ली की ओर बढ़ रहा है।
मंगलवार को बारिश और तेज हवाएं
मौसम विभाग ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मंगलवार को न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन दिन में हल्की से मध्यम बारिश के साथ 40 किमी प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चलने की संभावना है। इसे देखते हुए दिल्ली-एनसीआर के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। बारिश के बाद एक बार फिर शीतलहर लौटने के आसार हैं।
तापमान का हाल
सोमवार को सफदरजंग केंद्र पर न्यूनतम तापमान 4.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4 डिग्री कम रहा। वहीं अधिकतम तापमान 23.2 डिग्री सेल्सियस रहा। विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के असर से रात का तापमान बढ़ेगा, लेकिन दिन का तापमान 18–20 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।
हवा की गुणवत्ता में भी उतार-चढ़ाव
ठंड के साथ-साथ दिल्ली की हवा की गुणवत्ता में भी बदलाव देखा गया। गणतंत्र दिवस पर AQI 241 रहा, जो खराब श्रेणी में आता है, जबकि एक दिन पहले यह 153 (मध्यम) था। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बारिश और तेज हवाओं से प्रदूषण में कमी आएगी और 27-28 जनवरी को AQI में सुधार की उम्मीद है।
आगे का पूर्वानुमान
आने वाले दिनों में पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में भारी बर्फबारी और ओलावृष्टि की संभावना है, जिसका असर दिल्ली-एनसीआर के तापमान पर पड़ेगा। 29 जनवरी के बाद पारे में फिर गिरावट दर्ज की जा सकती है।
प्रशासन ने लोगों को बदलते मौसम, बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है।
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