Agitation: छिंदवाड़ा/हैदराबाद: मध्य प्रदेश की पहचान बन चुकी कॉर्न सिटी में मक्का किसानों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। यहां के किसान बड़े पैमाने पर मक्का उत्पादन करते हैं, लेकिन बढ़ती महंगाई और खेती के खर्चों के बीच उन्हें उचित दाम न मिलने से अब आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। किसानों का आरोप है कि उन्हें एमएसपी 2400 रुपए प्रति क्विंटल के बजाय 900–1500 रुपए प्रति क्विंटल ही रेट मिल रहा है, जिससे लागत भी नहीं निकल पा रही।
प्रसंग को और राजनीतिक रंग देते हुए पूर्व सांसद नकुलनाथ किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े दिख रहे हैं। कभी मंच से सरकार पर निशाना साधते, कभी गले में मक्के की माला पहनकर किसानों के बीच पहुंचते, तो कभी मंडी में जाकर उनसे सीधे बात करते—इस मुद्दे को वे लगातार बड़े आंदोलन में बदलते दिख रहे हैं।
एमएसपी पर खरीदी क्यों नहीं? किसानों का बड़ा सवाल
केंद्र सरकार ने मक्का का समर्थन मूल्य 2400 रुपए तय किया है। लेकिन किसानों का आरोप है कि मध्य प्रदेश सरकार एमएसपी पर खरीदी नहीं कर रही, जिससे व्यापारी औने-पौने दाम पर पैदावार ले जा रहे हैं।
इस मुद्दे पर विधानसभा सत्र में भी विपक्ष ने जमकर हंगामा किया था। वहीं एक विधायक ने बंदर का रूप धारण कर विरोध जताया था, जिसमें किसानों का मुद्दा शामिल था।
क्यों कहा जाता है छिंदवाड़ा को ‘कॉर्न सिटी’?
- छिंदवाड़ा में मध्य प्रदेश की सबसे अधिक मक्का पैदावार होती है।
- मिट्टी और जलवायु मक्के के लिए अनुकूल।
- 2018 में यहां मक्का महोत्सव आयोजित हुआ था।
- विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार जिले में 3 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि पर मक्का की खेती होती है।
इसी वजह से इसे ‘मक्का नगरी’ या ‘कॉर्न सिटी’ कहा जाता है।
किसानों की पीड़ा: “एक किलो मक्का बेचकर पानी की बोतल भी नहीं खरीद सकते”
किसान बताते हैं कि जब सरकार ने 2400 रुपए एमएसपी तय कर रखा है तो प्रदेश सरकार समर्थन मूल्य पर खरीद क्यों नहीं कर रही?
छिंदवाड़ा के किसान राजेश कहते हैं:
“व्यापारी तो चाहते हैं कि मक्का मुफ्त में दे दो… किसान खून के आँसू रो रहा है और सरकार देखती रही.”
नकुलनाथ ने आंदोलन के दौरान कहा:
“किसान को मक्का के 16 रुपए किलो से ज्यादा नहीं मिल रहा। एक किलो मक्का बेचकर वह पानी की एक बोतल भी नहीं खरीद पा रहा.”
नकुलनाथ का आक्रामक तेवर: 2400 नहीं, 3000 रुपए दो
किसानों के आंदोलन में शामिल होकर नकुलनाथ ने मोहन सरकार को चेतावनी दी:
“मक्का 2400 नहीं, 3000 रुपए प्रति क्विंटल खरीदो, नहीं तो कांग्रेस पूरे प्रदेश में सड़क पर उतरेगी.”
उन्होंने याद दिलाया कि कमलनाथ सरकार में मक्का 2500 रुपए प्रति क्विंटल के साथ 200 रुपए बोनस भी दिया गया था।
सरकार पर सवाल—मोहन यादव की चुप्पी
कांग्रेस लगातार सरकार को घेर रही है। हाल ही में छिंदवाड़ा पहुंचे मुख्यमंत्री मोहन यादव से जब पत्रकारों ने मक्का के दाम पर सवाल पूछा, तो वे बिना जवाब दिए आगे बढ़ गए।
इसके बाद से कांग्रेस ये सवाल उठाने में लगी है कि:
- क्या सरकार एमएसपी पर खरीदी से बच रही है?
- क्या मध्य प्रदेश में मक्का के दाम को लेकर नया फार्मूला आएगा?
- क्या कॉर्न सिटी के किसानों को कोई बड़ी राहत मिलेगी?
छिंदवाड़ा के किसान इंतजार में हैं कि सरकार कब उनकी सुनवाई करेगी और उन्हें उनकी मेहनत का सही मूल्य मिलेगा।
साभार….
Leave a comment