मुख्यमंत्री बोले— कुर्सी को लेकर कंफ्यूजन से कामकाज हो रहा प्रभावित
Confusion: बेंगलुरु। कर्नाटक की राजनीति इन दिनों असमंजस और अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है। सत्ता में रहते हुए भी मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की कुर्सी को लेकर चल रही अटकलों ने मंत्रियों से लेकर अधिकारियों तक को असमंजस में डाल दिया है। इसका सीधा असर सरकार के कामकाज पर पड़ रहा है।
राहुल गांधी से हस्तक्षेप की मांग
लगातार उठ रहे सवालों और रोज़ बदलते सियासी संकेतों से परेशान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अब कांग्रेस आलाकमान से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। सूत्रों के मुताबिक सिद्धारमैया ने इस मुद्दे पर राहुल गांधी से सीधे बात कर साफ दिशा-निर्देश देने का आग्रह किया है।
कैबिनेट विस्तार और नियुक्तियां अटकीं
सिद्धारमैया का कहना है कि—
- वे कैबिनेट का विस्तार करना चाहते हैं
- कई महत्वपूर्ण नियुक्तियां लंबित हैं
- लेकिन सत्ता संतुलन को लेकर जारी कंफ्यूजन के कारण निर्णय लेना मुश्किल हो रहा है
मुख्यमंत्री का मानना है कि यदि नेतृत्व की स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तो प्रशासनिक निर्णय और विकास कार्य प्रभावित होते रहेंगे।
डीके शिवकुमार का रहस्यमय संदेश
इधर, उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की एक सोशल मीडिया पोस्ट ने सियासी चर्चाओं को और हवा दे दी है। उन्होंने लिखा—
“कोशिशें भले ही असफल हो जाएं, लेकिन प्रार्थना हमेशा सफल होती है।”
इस संदेश को सत्ता परिवर्तन की अटकलों से जोड़कर देखा जा रहा है, हालांकि पार्टी की ओर से आधिकारिक रूप से कुछ भी स्पष्ट नहीं किया गया है।
कामकाज पर असर, प्रशासन असमंजस में
राजनीतिक अनिश्चितता का असर अब सरकारी तंत्र पर भी दिखने लगा है। अधिकारी बड़े फैसलों से बचते नजर आ रहे हैं और मंत्री भी भविष्य की भूमिका को लेकर असमंजस में हैं। ऐसे में कांग्रेस नेतृत्व पर दबाव बढ़ता जा रहा है कि वह जल्द ही कर्नाटक की सत्ता को लेकर स्थिति स्पष्ट करे।
नजर आलाकमान के फैसले पर
फिलहाल पूरे मामले में कांग्रेस हाईकमान की भूमिका अहम मानी जा रही है। अब देखना होगा कि पार्टी नेतृत्व—
- सिद्धारमैया को स्पष्ट समर्थन देता है
- या सत्ता संतुलन को लेकर कोई नया फार्मूला सामने आता है
कर्नाटक की राजनीति में अगले कुछ दिन बेहद निर्णायक माने जा रहे हैं।
साभार…
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