लग्जरी जिंदगी जीने और गर्लफ्रेंड पर पैसे उड़ाने बन गए लुटेरे
Loot:: नरसिंहपुर(ई-न्यूज)। अमानत में ख्यानत का एक सामने आया है। इसमें होटल के मैनेजर ने ही अपने मालिक के होटल में रखे 80 लाख रुपए लूटने की साजिश रची और दोस्तों के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया। हालांकि पुलिस ने पूरी साजिश का पर्दाफाश कर नकदी भी बरामद कर ली है। इस पूरी घटना को 40 रुपए की नकली पिस्टल और सब्जी काटने वाले चाकू सहित एक हथौड़ी की सहायता से अंजाम दिया। आरोपी लग्जरी लाइफ जीना चाहता और गर्लफ्रेंड पर रुपए खर्च करना चाहता था इसलिए उसने घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से लूट के ड्रामे का पर्दाफाश किया। मुख्य आरोपी होटल मैनेजर चंद्रेश रजक है। इसके अलावा, राकेश शुक्ला, अखिलेश महदेले, अनुज वाल्मीकि और मोनू उर्फ टुईया वंशकार और दो अन्य नाबालिग आरोपी हैं। एएसपी संदीप भूरिया से बात कर ने मामले को समझा। जाना कि कैसे आरोपियों ने साजिश रचकर वारदात को अंजाम दिया। कैसे वारदात का खुलासा हुआ?
होटल में रखे थे 80 लाख रुपए
मामले को समझने से पहले वारदात की तारीख से 10 दिन पहले जाना होगा। यहां तत्कालीन वित्तमंत्री अजय नारायण मुश्रान के नाम पर बने पार्क के पास होटल कुसुम वैली है। 24 जनवरी की शाम करीब सात बजे कॉलोनाइजर और होटल के मालिक नवीन अग्रवाल कैबिन में मौजूद थे। टेबल पर 500-500 रुपए के नोटों की गड्डियों का ढेर लगा था। चार-पांच लोग नोट गिनने में लगे थे। गिनती पूरी होते ही एक कहता है- सर, 80 लाख रुपए हैं। इसी दौरान, नवीन किसी को फोन लगाकर कहते हैं कि व्यवस्था हो गई है। जब चाहें, रजिस्ट्री करा लेंगे। गड्डियों के सामने खड़े होटल के कर्मचारियों से वे कहा- रकम लॉकर में रख दो। यह कहकर बाहर खड़ी फॉर्च्यूनर से निकल गए। ठीक 10 दिन बाद यानी 3 फरवरी को नवीन परिवार के साथ डिनर कर सोने चले गए। आधी रात के बाद करीब 3 बजे कॉल आया कि होटल में नाकाबपोश लुटेरे घुस आए। तिजोरी में रखे 80 लाख रुपए लूट ले गए। यह सुनते ही नींद उड़ गई। तुरंत कोतवाली थाना प्रभारी गौरव चाटे को फोन किया। करीब 20 मिनट में खुद भी होटल पहुंच गए।
फुटेज देखकर हुआ शक
वारदात के बाद पुलिस अलर्ट मोड पर आ जाती है। थाना प्रभारी गौरव चाटे ने एसपी डॉ. ऋ षिकेश मीणा को बताया। देखते ही देखते एसपी समेत करीब 100 पुलिसवाले पहुंच गए। फॉरेंसिक एक्सपर्ट की टीम सैंपल लेने में लग गई। एसपी ने होटल में लगे सीसीटीवी फुटेज देखे। होटल में नाइट मैनेजर चंद्रेश रजक को बुलाया गया। करीब पांच मिनट के फुटेज को पांच बार देखा। क्राइम सीन को दो-तीन बार रिपीट कराया। उन्होंने टीवी स्क्रीन की ओर देखते हुए चंद्रेश की तरफ देखा। इस दौरान हाव-भाव देखते ही उन्होंने पीछे खड़े थानेदार से कुछ कहा। इशारा मिलते ही गौरव चाटे ने होटल का गेट बंद करा दिया। नाइट मैनेजर समेत बाकी के स्टाफ को पुलिस से कवर कराया। सभी को एक लाइन में खड़ा करा दिया। करीब साढ़े चार बजे पुलिस सभी को थाने लेकर आ गई।
शांत बैठा हुआ था मैनेजर
फुटेज में दिख रहा है कि होटल के रिसेप्शन पर नाइट मैनेजर चंद्रेश रजक इत्मीनान से बैठा है, तभी एक नाकाबपोश बदमाश उसकी कनपटी पर पिस्टल अ?ा देता है। इसके बाद थोड़े अंतर से दो नकाबपोश और आ जाते हैं। वे मैनेजर और अन्य स्टाफ से मारपीट करने लगते हैं। मैनेजर उन्हें लॉकर की तरफ इशारा करता है। बदमाश लॉकर तोडक़र पहले अपनी हुडी में नोट भरते हैं। एक नकाबपोश बोरी लेकर आता है। बाकी रकम बोरी में भरकर काउंटर से हट जाते हैं। वे मैनेजर और दूसरे कर्मचारी को पीटते हैं। इसके बाद वापस चले जाते हैं। लात मारने के लिए वापस आते हैं। इसके बाद मॉनिटर टेबल पर गिराने के लिए फिर वापस आते हैं। दोनों से मारपीट कर भाग जाते हैं। इन्हीं फुटेज को देख एसपी ने थानेदार से धीरे से कहा- स्क्रिप्ट अच्छी है, लेकिन एक्टिंग कमजोर है।
आरोपी ने कबूल किया लूट करना
पूछताछ में पहले तो होटल मैनेजर चंद्रेश बरगलाता रहा। सख्ती करने पर वह टूट गया। उसने पुलिस को बताया कि 24 जनवरी को नोट गिनने वालों में वो भी शामिल था। इससे पहले इतने सारे नोट कभी नहीं देखे थे। नोट लॉकर में रखे थे। इस बीच, किसी ने इसके बारे में पूछा नहीं। मैं काउंटर पर बैठे सोचता रहता था कि यहां इतना पैसा है, मेरे पास कुछ भी नहीं। अगर ये पैसा मेरे पास होता, तो जिंदगी कैसी होती। अगर, ये रुपए मिल जाएं, तो जिंदगी बदल जाएगी। बड़ा काम शुरू करूंगा। चंद्रेश ने लॉकर में 80 लाख रुपए होने की बात अपने दोस्त मोनू वंशकार, अनुज वाल्मीकि और राकेश शुक्ला को बताई। सभी ने मिलकर रुपए लूट की साजिश रची। साजिश में दो नाबालिगों को भी शामिल कर लिया। यूट्यूब पर लूट के वीडियो भी देखे। 3 फरवरी की दरमियानी रात वारदात को अंजाम देना तय किया। सबकुछ वैसा ही किया था, जो वीडियो में देखा था। योजना के अनुसार नोटों की गड्डियां हुड़ी और बोरी में भरकर मोनू वंशकार, अनुज वाल्मीकि और राकेश शुक्ला और दो साथी रपटा पुल के पास पहुंचे। मैनेजर चंद्रेश ने बताया कि मैं होटल में रुक गया था। मैंने ही होटल मालिक नवीन को फोन किया। इन लोगों ने कुछ रुपए बांट लिए थे। बाकी रकम बोरी में भरकर पुल के पास कचरे के ढेर में दबा दिए।
नकली पिस्टल और चाकू का किया उपयोग
पुलिस ने आरोपियों से लूट में इस्तेमाल हथियार के बारे में पूछा। आरोपियों ने बताया कि उनके पास हथियार नहीं था। पिस्टल नकली थी। पहले तो पुलिस को भरोसा नहीं हुआ। सख्ती से पूछताछ के बाद हथियार बरामद किए गए, तो हैरान रह गए। जिस पिस्टल से 80 लाख रुपए लूटने का ड्रामा किया गया था, वो 40 रुपए की पटाखा बंदूक थी। सब्जी काटने वाला चाकू था। हथौड़ी की कीमत 30 रुपए थी। ये सभी सामान नरसिंहपुर के बाजार से ही खरीदे थे। चंद्रेश का कहना है कि नहीं पता था कि हम पकड़े जाएंगे। हथियार कैमरे के सामने इस तरह दिखाए थे, ताकि असली लगें। एसपी का कहना है कि आरोपियों ने 25 जनवरी से ही होटल की रेकी शुरू कर दी थी। उन्होंने होटल के आसपास घूमकर देखा कि सीसीटीवी कहां लगे हैं। लूट के बाद किस रास्ते से भागना आसान रहेगा। पुलिस ने आरोपी होटल मैनेजर के बताए गए पुल के पास से बोरी में भरे नोटों की गड्डियां बरामद कर लीं। आरोपी अखिलेश के पास से 50 हजार, दो नाबालिगों से 28 और 30 हजार रुपए मिले हैं। अब तक करीब 76 लाख रुपए बरामद किए जा चुके हैं। पुलिस ने चंद्रेश की निशानदेही पर चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया।
होटल मालिक बोले- एक चूक पड़ी भारी
होटल कुसुम वैली के मालिक नवीन अग्रवाल ने बताया कि एक चूक भारी पड़ गई। इससे पहले जब भी किसी को काम पर रखता था, तो खुद उसके घर तक का फिजिकल वैरिफिकेशन कराता था। चंद्रेश तीन महीने से होटल में था। व्यस्तता के चलते उसका वैरिफिकेशन नहीं करा पाया। नवीन अग्रवाल ने बताया कि वह होटल मैनेजर को 12,500 प्रतिमाह सैलरी देता था। काउंटर में इमरजेंसी अलार्म भी लगा है। जब चोरी हुई, तब होटल में 16 लोगों का स्टाफ था। चंद्रेश ने इमरजेंसी अलार्म का बटन भी नहीं दिया। साभार….
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