Tuesday , 16 April 2024
Home देश Maize Variety – मक्के की 3 बेहतरीन किस्में, खेती करते ही बढ़ेगी किसानों की आय
देशखेती

Maize Variety – मक्के की 3 बेहतरीन किस्में, खेती करते ही बढ़ेगी किसानों की आय

Maize Varietyवीएल क्यूपीएम हाइब्रिड 61 यह एक अगेती मक्के का प्रकार है। जिसकी बुवाई करने के 85 दिन बाद इसकी फसल बनकर तैयार हो जाती है। वीएल क्यूपीएम हाइब्रिड 61 की औसत उपज |

35 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है | Maize Variety

जून माह के पहले ही सप्ताह में मानसून केरल में पहुंच सकता है। इसके साथ ही बरसात का आगमन हो जाएगा और किसान खरीफ की फसल की पूरी तैयारी में जूट जाएंगे। खरीफ की फसल में धान के बाद सबसे ज्यादा मक्के की खेती की जाती है।

इसकी बुवाई का समय जून के महीने से लेकर मिड जुलाई के महीने तक का समय सही माना गया है। अगर किसान भाई मक्के की खेती करने का विचार बना रहे हैं, तो उनके लिए यह अच्छी खबर है। कि आज हम मक्के की तीन ऐसी नई किस्मों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे अल्मोड़ा स्थित पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान ने विकसित किया था।

इन किस्मों में पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्व और विटामिन्स होगें

इन किस्मों की खासियत है कि इसमें अमीनो एसिड सामान्य मक्का के मुकाबले अधिक उपलब्ध है। ऐसे में इन किस्मों की खेती करने से शरीर को प्रयाप्त मात्रा में पोषक तत्व और विटामिन्स मिलेंगे।

पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिकों ने इन तीन किस्मों का नाम वीएलक्यू पीएम हाइब्रिड 63, वीएल क्यूपीएम हाइब्रिड 61 और वीएल क्यूपीएम हाइब्रिड 45 रखा है। जानकारों का कहना है कि इन तीनों किस्मों में दूध के बराब पोषक तत्व मौजूद हैं।

ऐसे में अगर किसान भाई इसकी खेती करते हैं, तो बंपर पैदावार मिलेगी। और किसानों की आय में भी वृद्धि होगी।

शोधकर्ताओं ने पहाड़ी क्षेत्रों को देखते हुए इस किस्म को विकसित किया | Maize Variety

वीएल क्यूपीएम हाइब्रिड 45: वैज्ञानिकों ने पहाड़ी क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए इस किस्म को विकसित किया है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश, जम्मू – कश्मीरए नागालैंड और मिजोरम सहित सभी पहाड़ी राज्य के किसान वीएल क्यूपीएम हाइब्रिड 45 की खेती कर सकते हैं।

इसकी औसत उपज 66। 73 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है। इसमें ट्रिप्टोफैन की मात्रा 0.70 प्रतिशत, प्रोटीन की मात्रा 9.62 प्रतिशत और लाइसिन की मात्रा 3.17 प्रतिशत है। इस प्रजाति में टर्सिकम व मेडिस पर्ण झुलसा के लिए मध्यम प्रतिरोधकता भी है।

इस किस्म की बुआई करने के 85 दिनों बाद फसल तैयार हो जाती है

ीएल क्यूपीएम हाइब्रिड यह एक अगेती मक्के की किस्म है। बुवाई करने के 85 दिन बाद इसकी फसल तैयार हो जाती है। वीएल क्यूपीएम हाइब्रिड 61 की औसत उपज 44। 35 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है।

वीएल क्यूपीएम हाइब्रिड 61 में लाइसीन की मात्रा 3.30 फीसदी, प्रोटीन की मात्रा 9.16 फीसदी और ट्रिप्टोफैन की मात्रा 0.76 फीसदी होती है। इसमें टर्सिकम व मेडिस पर्ण झुलसा रोग का असर कम पड़ता है।

वीएलक्यूपीएम हाइब्रिड 63 | Maize Variety

वीएलक्यूपीएम हाइब्रिड की ये किस्म 95 दिन में तैयार हो जाती है। यानी कि 95 दिन बाद आप फसल की कटाई कर सकते हैं। इसकी औसत उपज 46,75 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है। वीएल क्यूपीएम हाइब्रिड 61 में लाइसिन की मात्रा 3.20 प्रतिशत, ट्रिप्टोफैन की मात्रा 0.72 प्रतिशत और प्रोटीन की मात्रा 9.22 प्रतिशत है।

अमेरिका देश का सबसे बड़ा मक्के का उत्पदक क्षेत्र है

बता दें कि विश्व के 170 देशों में मक्के की खेती होती है। अमेरिक विश्व का सबसे बड़ा मक्का उत्पादक देश है। भारत में बिहार, महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, कर्नाटक और उत्तराखंड सहित लगभग पूरे देश में मक्के की खेती की जाती है। अभी केंद्र सरकार मोटे अनाज की खेती करने के लिए किसानों को प्रोत्साहित भी कर रही है।

Source – Internet

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

जाने वन्दे भारत ट्रैन में क्या क्या मिलती है सुविधा और कितना आ सकता है इसका खर्चा | Vande Bharat

Vande Bharat: भारतीय रेल जल्‍द ही नई वंदे भारत स्‍पीलर एक्‍सप्रेस ट्रेनों...

Maha Shivratri Mehndi designs : महाशिवरात्रि श्रावण महोत्सव के अवसर  पर लगाएं ये खास मेहंदी डिजाइन 

इस महाशिवरात्रि पर्व पर कई महिलाएं मेहंदी लगाना पसंद करती हैं। इस...

MSP Price – सरकार ने तय किया गेहूं, सरसों व चने का MSP, जानिए कब से होगी खरीद

MSP Price – नई दिल्ली: भारत सरकार ने 2023-24 के रबी विपणन...

Kheti Kisani – खेतों में फसलों को सुरक्षित रखने सबसे फायदेमंद है नीम का तेल

कीटों को भी प्रभावी ढंग से करता है नियंत्रित  Kheti Kisani –...