EASA की ‘लेवल-1’ चेतावनी को नजरअंदाज कर उड़ाया गया विमान, गंभीर खुलासा
Plane crash: डिजिटल डेस्क। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार सहित पांच लोगों की जान लेने वाले बारामती विमान हादसे को लेकर बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। यूरोपीय विमानन नियामक संस्था EASA (European Aviation Safety Agency) की रिपोर्ट के मुताबिक, हादसे में शामिल चार्टर ऑपरेटर VSR वेंचर्स की उड़ान अनुमति पहले ही सुरक्षा खामियों के चलते निलंबित की जा चुकी थी।
‘लेवल-1’ फाइंडिंग, फिर भी उड़ान जारी
EASA ने करीब एक वर्ष पहले ही VSR वेंचर्स का ‘थर्ड कंट्री ऑपरेटर (TCO)’ ऑथराइजेशन सस्पेंड कर दिया था। कंपनी पर ‘लेवल-1 फाइंडिंग’ लगाई गई थी, जो विमानन सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की सबसे गंभीर श्रेणी मानी जाती है।
सुरक्षा से जुड़े दस्तावेज नहीं दिए
रिपोर्ट के अनुसार, VSR वेंचर्स ने सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज और पिछले हादसों की जांच रिपोर्ट एजेंसी को उपलब्ध नहीं कराई।
सितंबर 2023 में मुंबई में हुए Learjet-45 विमान हादसे की आंतरिक जांच और उसके बाद उठाए गए सुधारात्मक कदमों की जानकारी भी EASA को नहीं दी गई।
पांच बार रिमाइंडर, फिर भी जवाब नहीं
अक्टूबर से नवंबर 2024 के बीच EASA ने कंपनी को पांच बार रिमाइंडर भेजे, लेकिन VSR वेंचर्स ने किसी का भी जवाब नहीं दिया। EASA के मुताबिक, जब कोई ऑपरेटर सुरक्षा से जुड़ा डेटा साझा नहीं करता, तो उसे उच्च जोखिम वाली कंपनी माना जाता है।
DGCA को भी दी गई थी जानकारी
EASA ने इस सस्पेंशन की जानकारी भारत के विमानन नियामक DGCA (Director General of Civil Aviation) को भी भेज दी थी। इसके बावजूद यह कंपनी भारत में उड़ान कैसे भर रही थी, इस पर अब गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
अब जांच के घेरे में नियामक तंत्र
इस खुलासे के बाद यह सवाल उठ रहा है कि जब एक अंतरराष्ट्रीय एजेंसी किसी कंपनी को सुरक्षा मानकों पर फेल घोषित कर चुकी थी, तब भारत में उसे उड़ान की अनुमति किस आधार पर दी गई। यह मामला अब न सिर्फ ऑपरेटर बल्कि नियामक तंत्र की जवाबदेही पर भी बड़ा प्रश्नचिह्न लगा रहा है।
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