Home बैतूल आस पास Bagh Ka Shikar – असीरगढ़ के जंगल में हुआ था बाघ का शिकार
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Bagh Ka Shikar – असीरगढ़ के जंगल में हुआ था बाघ का शिकार

खाल के साथ पकड़े गए व्यक्ति से हुआ खुलासा

Bagh Ka Shikar – बैतूल – जिले में जंगली जानवरों के शिकार के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं, ऐसा ही एक सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसमें असीरगढ़ के जंगल में बाघ का शिकार हुआ था। टाईगर स्ट्राईक फोर्स ने इस मामले का खुलासा किया है और शिकार के मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।

फिलहाल बाघ के शिकार एवं उसके अवयवों के व्यापार में संलिप्त पूर्व जनपद सदस्य एवं सरपंच सहित 05 आरोपी गिरफ्तार किए गए है। सहायक वन संरक्षक वन्यप्राणी के मुताबिक स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स मध्यप्रदेश एवं टाइगर स्ट्राइक फोर्स नर्मदापुरम (भोपाल) व स्थानीय अमले के सहयोग से वन्यप्राणी बाघ के प्रकरण की विवेचना के दौरान 17 जनवरी 2023 को जनपद पंचायत जुन्नारदेव जिला छिन्दवाड़ा से सरपंच को गिरफ्तार किया जाकर अभिरक्षा में लिया गया था।

जिसकी निशानदेही पर 22 जनवरी 2023 को 03 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जिन्हें विशेष न्यायालय नर्मदापुरम के समक्ष पेश किया गया हैं। प्रकरण में अब तक कुल 05 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

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Bagh Ka Shikar – असीरगढ़ के जंगल में हुआ था बाघ का शिकार

गौरतलब है कि 12 जनवरी को ग्राम भाखरा पोस्ट थाना दमुआ तहसील जुन्नारदेव जिला छिन्दवाड़ा से एक व्यक्ति को वन्यप्राणी बाघ की खाल सहित गिरफ्तार किया गया था। 12 जनवरी को दर्ज इस मामले में वन्यप्राणी मुख्यालय द्वारा प्रकरण की गंभीरता को देखते हुये प्रकरण की अग्रिम विवेचना के लिए स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स की ईकाई नर्मदापुरम को प्रकरण हस्तांतरित किया गया । आरोपियों द्वारा अपना बयान कबूल करते हुये बताया कि वन्यप्राणी बाघ का शिकार बैतूल के जंगलों से किया गया है ।

इस मामले में रामपुर भतोड़ी प्रोजेक्ट के तहत आने वाले वन ग्राम कुंडीखेड़ा निवासी पूर्व जनपद सदस्य शिवनाथ यादव, मनोहर दर्शायम की गिरफ्तारी हुई है।
बताया जा रहा है की आरोपियों ने असीरगढ़ के जंगल में शिकार करना बताया था। इस आधार पर तस्दीक के लिए उन्हें मौके पर ले जाया गया था। लेकिन वहां कुछ भी ऐसा सबूत नहीं मिला। जिससे जांच अधिकारी संतुष्ट हो सके।

बताया जा रहा है कि शिकार बारिश के मौसम में किया गया है। इसीलिए बाघ के अवशेष बरसात के पानी के साथ बह गए होंगे। वन्य प्राणियों की आवाजाही वाले स्थानों पर अवैध उत्खननबता दे की बैतूल जिले के उत्तर वन मंडल का बड़ा इलाका सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से सटा हुआ है।

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टाइगर कारीडोर के इस हिस्से में वन्य प्राणियों की आवाजाही बनी रहती है। रेंज के लोनिया, खैरबानी, शोभापुर नांदिया घाट, छतरपुर और चोपना क्षेत्र की नदियां, जहां पर जंगली जानवर अक्सर अपनी प्यास बुझाने आते हैं। वहां से बेखौफ अवैध रेत उत्खनन कर परिवहन हो रही है। खास बात यह है कि इसकी जानकारी वन, खनिज विभाग के अलावा पुलिस प्रशासन को है।

लेकिन कार्रवाई के नाम पर यह सभी जिम्मेदार विभाग खानापूर्ति कर रहे हैं। जिसके चलते आए दिन जंगली जानवरों को शिकार के रूप में अपनी जान से हाथ धोना पड़ रहा है।

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